मुंह पर कालिख पोत कर जा रहे थे पुलिस ने रोका

Shekhar Sharma
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श्रीराम मंदिर में चंदा चोरी मामले को लेकर राज्यपाल को देना था ज्ञापन, नहीं दी गयी अनुमति

मेरठ। श्रीराम मंदिर में करोड़ों के चढ़ावा चोरी मामले को लेकर मुंह पर कालिख पोतकर राज्यपाल को ज्ञापन देने जा रहे बापू के हत्यारे नाथूराम गोडस के अनुयाइयों को पुलिस ने उनके कार्यालय में ही रोक लिया और आगे नहीं जाने दिया। पुलिस ने हिन्दू महासभा के शारदा रोड स्थित कार्यालय को घेर लिया। हालांकि बाद में, एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को कार्यालय बुलाकर उनके माध्यम से ज्ञापन स्वीकार किया गया।

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और धाम के संस्थापक पंडित अशोक शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। संगठन ने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ता काले वस्त्र पहनकर और मुंह काला कर शांतिपूर्ण ढंग से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। ज्ञापन में संगठन ने राम मंदिर के चढ़ावे और धन के कथित दुरुपयोग के मामले को उठाया। उन्होंने इसे करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं से जुड़ा विषय बताया। संगठन ने कहा कि यदि इस प्रकरण में कोई नैतिक जिम्मेदारी तय होती है, तो हिंदू महासभा उसे स्वीकार करने के लिए तैयार है। क्त, ज्ञापन में दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई और मंदिर प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा की मांग की गई। संगठन ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में हिंदू महासभा की ऐतिहासिक भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने मांग की कि 1949 की घटनाओं से जुड़े कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों के योगदान को उचित सम्मान दिया जाए तथा मंदिर प्रबंधन में ऐसे लोगों को शामिल करने पर विचार किया जाए, जिनका आंदोलन से ऐतिहासिक और वैचारिक संबंध रहा है।

ये रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान पंडित अशोक शर्मा, अभिषेक अग्रवाल, भरत राजपूत, शेखर पंडित, प्रताप राणा, राहुल गुप्ता, प्रथम दीक्षित, दीपक शर्मा, सावन कुमार, विपिन कुमार और जीतू सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

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