तो क्या कांवड़ यात्रा को थी दहलाने की तैयारी

Shekhar Sharma
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एसटीएफ की मेरठ यूनिट में दबोचा अवैध हथियारों का सौदागार, तमंचा का किया जखीरा बरामद

मेरठ। तो क्या कांवड़ यात्रा को दहलाने की तैयारी थी। ऐसी आशंका अवैध हथियारों के सौदागर से मिले तमंचों के जखीरे के बरामद होने के बाद जतायी जा रही है। एसटीएफ मेरठ यूनिट और लालकुर्ती पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन के बाद हथियारों के इस सौदागर को दबोचकर तमंचों का जखीरा बरामद किया है। आशंका जतायी जा रही है कि मंसूबे बेहद खतरनाक थे। गिरफ्तार आरेापी पहले भी जेल जा चुका है। यह गिरोह पांच हजार में तमंचे सप्लाई करते हैं।

गोपनीय सूचना पर ऑपरेशन

अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि टीम को लीड मिली थी कि लालकुर्ती क्षेत्र में बीएसएनएल दफ्तर के निकट कूड़ाघर के पास एक हथियार तस्कर मौजूद है। सूचना मिलते ही टीम एक्टिव हो गई। टीम में शामिल दरोगा प्रमोद कुमार ने थानाध्यक्ष लालकुर्ती हरेंद्र कुमार सिंह की टीम के साथ घेराबंदी करते हुए एक संदिग्ध को दबोच लिया। बैग में मौजूद मिले बड़ी संख्या में तमंचे एसटीएफ और पुलिस को देखकर आरोपी घबरा गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह किसी का इंतजार कर रहा है। हाथ में मौजूद बैग को चेक किया गया तो उसमें बड़ी संख्या में अवैध हथियार बरामद हो गए। आरोपी ने अपना नाम तजम्मुल पुत्र नसीम निवासी डॉ. सेन वाली गली थाना देहलीगेट बताया। लालकुर्ती थाने लाकर एसटीएफ ने आरोपी तजम्मुल से पूछताछ की तो पता चला कि वह हथियार सप्लायर गिरोह का सदस्य है। उसका गिरोह हथियार तैयार कर पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश में सप्लाई करता है। पिछले 5 वर्षों से उनके गिरोह यह काम कर रहा है। वह सप्लाई करने निकला था उससे पहले ही पकड़ा गया।

पांच हजार में तमंचा

पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह 5 वर्ष में बड़ी संख्या में यह लोग 315 बोर के तमंचों की सप्लाई कर चुके हैं। ऑन डिमांड यह तमंचे बनाए जा रहे थे। एक तमंचे की कीमत 4000 रूपए से 5000 रूपए इनके द्वारा तय की गई है। फिलहाल 21 तमंचे एसटीएफ ने मौके से तैयार किए हैं। में तमंचे को बनाने वाले उपकरण भी टीम ने जप्त किए हैं। आरोपी तजम्मुल वर्ष 2022 में भी मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र से जेल जा चुका है। उसे दौरान 37 तमंचे उसके पास से बरामद किए गए थे। पुलिस ने उसको जेल भेज दिया लेकिन बाहर निकलते ही उसने दोबारा से इस काम को अंजाम देना शुरू कर दिया। वर्ष 2002 में भी वह मुजफ्फरनगर से जेल जा चुका है। एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि तजम्मुल का एक भाई लालकुर्ती थाना क्षेत्र के छोटा बाजार में किराए का मकान लेकर रहता है। 2 दिन पहले वह यहां आया हुआ था। माल सप्लाई करने के लिए रात में निकला था लेकिन एसटीएफ को सूचना मिल गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

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