कानपुर की एसबीआई शाखा के लॉकर से करीब पचास लाख के बताए जा रहे कीमती जेबर गायब, चॉबी बैंक में फिर कैसे गायब हो गई ज्वैलरी
नई दिल्ली। लगता है कि अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के लॉकर भी उसके ग्राहकों के लिए सुरक्षित नहीं रह गए हैं। मामला कानपुर स्थित एसबीआई की एक शाखा से सामने आया है। सनसनीखेज घटना में बताया गया है कि एसबीआई की शाखा के लॉकर में रखे करीब पचास लाख कीमत के गहने गायब हो गए। जबकि लॉकर की एक चाॅबी बैंक के पास होती हे। हैरानी तो इस बात की है कि बैक नियमित रूप से अपने ग्राहक से असुरक्षित लॉकर का किराया वसूल करता रहा। कानपुर के स्वरूपनगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा की ग्राहक एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके लॉकर से करीब 50 लाख रुपये मूल्य के गहने और कीमती सामान गायब हो गए हैं।
लॉकर चैक करने पहुंची थी महिला
बताया जा रहा है कि महिला लगभग 4 महीने बाद अपना लॉकर चेक करने बैंक पहुंची थीं, जहां उसे गहने नहीं मिले। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। लॉकर से पचास लाख के जेबर गायब होने के बाद अब ग्राहकों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या एसबीआई के लॉकर अब वाकई असुरक्षित हैं। उसके लॉकरों में रखी ज्वैलरी, कैश व कीमती कागजों के सुरक्षित होने की कोई गारंटी नहीं। जिस महिला ने पचास लाख की ज्वैलरी गायब होने का आरोप लगाया है उसकी बात का तो यही अर्थ निकाला जा रहा है। वहीं दूसरी ओर महिला ग्राहक की चिंता यही है कि उसके पचास लाख के नुकसान की भरपाई अब कौन करेगा।
लॉकर से कीमती सामान चोरी होने के क्या है RBI का नियम
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के मुताबिक, बैंक लॉकर से रखे गए कीमती गहने या सामान चोरी होने का जिम्मेदार बैंक तब ही माना जाएगा, जब बैंक की ओर से की गई लापरवाही साबित हो। मतलब अगर बैंक की ओर से सुरक्षा में किसी तरह की कमी जैसे- कैमरे सही से न काम करना, सिक्योरिटी अलर्ट न रहना या फिर बैंक के किसी कर्मचारी की गलती होती है, तो चोरी हुए गहने की जवाबदेही बैंक पर हो सकती है।


