

सरकार व विपक्ष में जबरदस्त टकराव व हंगामा, लोकसभा की कार्रवाई कल तक के लिए की गयी स्थगित
नई दिल्ली। संसद भवन के मकर द्वार के बाहर एनडीए और इंडिया (INDIA) गठबंधन के सांसद छात्र प्रदर्शनों और विभिन्न मुद्दों को लेकर आमने-सामने आ गए, जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। सुरक्षा कर्मियों को दोनों समूहों के बीच घेरा बनाना पड़ा। सदन और सदन के बाहर यानि लोकसभा परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त टकराव हुआ। सुरक्षा कर्मियों को हालात संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हालात कितने गंभीर थे इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टकराव को देखते हुए सुरक्षा कर्मी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच दीवार बनकर खड़े हो गए।
बार-बार कार्रवाई बाधित
संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिनों में छात्र आंदोलन, एफसीआरए संशोधन और अन्य अहम विधेयकों को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में सरकार तथा विपक्ष के बीच भारी टकराव देखने को मिला है। दोनों सदनों में लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन भी किया, विपक्षी दल छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और कुछ खास विधेयकों पर तत्काल चर्चा और जवाब की मांग कर रहे हैं, सरकार का कहना है कि वह हर नियम के त हत चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष बिना चर्चा के सिर्फ राजनीतिक हंगामा कर रहा है, हंगामे के चलते प्रश्नकाल सुचारु रूप से नहीं चल सका और दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। आमने-सामने: संसद के मकर द्वार के बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने आ गए और दोनों ओर से जमकर नारेबाजी हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन गतिरोध जारी रहा। संसद परिसर में एनडीएम और इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया। एनडीए सांसदों ने विपक्ष पर संसद में चर्चा से भागने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने भी आ गए।
प्रियंका को देखकर सकपाए
प्रियंका गांधी के संसद पहुंचने पर एनडीएम के सांसद राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाने लगे। एनडीए सांसद मुकेश दलाल ने पूछा कि राहुल झारखंड में छात्र प्रदर्शनकारियों से क्यों नहीं मिल रहे हैं। प्रियंका मुस्कुराती हुई उनके पास गईं और कहा- राहुल झारखंड गए हैं और छात्रों से मिल चुके हैं। अचानक प्रियंका गांधी को सामने से आता देखकर वह सकपका गए।
सदन में भी जबरदस्त हंगामा
लोकसभा और राज्यसभा में भी हंगामा हुआ। लोकसभा की कार्यवाही पहले 11 बजे तक स्थगित की गई। दोपहर 2 बजे सदन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन करीब आधे घंटे बाद ही हंगामे के चलते कार्यवाही बुधवार तक स्थगित कर दी गई। राज्यसभा की कार्यवाही जारी है। 20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र का 13 अगस्त को आखिरी दिन है। तीन हफ्तों के दौरान संसद की कार्यवाही लगातार हंगामे के कारण प्रभावित रही है। विपक्ष दिल्ली में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर गृह मंत्री के जवाब की मांग कर रहा है।
अमित शाह चर्चा को तैयार
सरकार ने आज कहा कि अमित शाह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। हालांकि, राहुल ने कहा कि हमें शाह की राय नहीं सुननी बल्कि यह जानना है कि छात्रों पर पुलिस एक्शन का आदेश किसने दिया था। इसी को लेकर विपक्ष सत्ता पक्ष को घेरता रहा।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘वंदे मातरम बिल को मंजूरी दे दी। अब राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रगान ‘जन गण मन के बराबर कानूनी सुरक्षा मिलेगी। इसके अपमान या गायन में जानबूझकर बाधा डालने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच लोकसभा ने केरल का नाम केरलम करने और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से जुड़े बिल बिना चर्चा के पास कर दिए। लोकसभा अब तक 11 बिल पास कर चुकी है, जिनमें सिर्फ 2 पर चर्चा हुई है।
छात्रों पर बल प्रयोग पर चर्चा को तैयार
सरकार सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर चर्चा के लिए तैयार होने की भी बात हंगामे के दौरान कही। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अमित शाह और लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, सरकार गृह मंत्री के बयान और सुरक्षाबलों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के आरोपों पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं खनिज, खदान और ट्रिब्यूनल से जुड़े तीन बिलों पर चर्चा के लिए 2-3 घंटे का समय तय किया गया है।


