
मेरठ में जिला संगठन में अध्यक्ष बदलने का प्रयाेग भी नहीं साबित हो रहा कारगार, पहले से ज्यादा बदत्तर हैं संगठनक के हालात
मेरठ। सूबे के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव के मिशन 2027 को मेरठी सपाई खाासतौर से जिला संगठन की यदि बात की जाए तो पलीता लगाने पर तुले हुए हैं। हालात कितने गंभीर हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला संगठन के तमाम नेता अपने अहम और आपसी तनातनी व गुटबाजी के चलते एक दूसरे की बैठकों तक में जाने को राजी नहीं। मेरठी संगठन को लेकर फिलहाल जो सुना जा रहा है, उस पर यदि यकीन किया जाए तो वह सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के लिए किसी झटके से कम नहीं है। संगठन में आम चर्चा है कि जिला खेमा बजाए पार्टी की बैठकों को कामयाब करने व उसमें अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के बजाए अखिलेश के मिशन 2027 पर को लेकर होने वाली संगठनों में बैठकों में जाने वालों को रोक रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मेरठ में सपा के जिला संगठन में कितनी घमासान मची हुई है। एक दूसरे की टांग खींचने में जिला संगठन पर काविज नेता आने वाले विधानसभा चुनाव यानि अखिलेश के मिशन 2027 पर को पलीता लगाने पर तुले हुए हैं।
करमवीर गूमी नहीं संभाल पा रहे हैं संगठन
कार्यकर्ताओं की यदि बात की जाए तो नाम ना छापे जाने की शर्त पर तमाम कार्यकर्ता अब यह खुलकर कहने लगे हैं कि सपा के राष्ट्रीय स्तर के नेता राजकुमार भाटी की सिफारिश पर करमवीर सिंह गूमी भले ही जिला संगठन पर काविज हो गए हों, लेकिन ना तो उनसे संगठन संभल पा रहा है और ना ही जब वह कुर्सी पर काविज हुए हैं प्रदेश योगी और केंद्री की मोदी सरकार के खिलाफ मेरठ की धरती से संगठन की कोई उपस्थित दर्ज करा सके हैं। और तो और जिला संगठन की बैठकों में कितने लोग पहुंचते हैं इसकी यदि ईमानदारी से गिनती कर ली जाए तो वह यह बताने को काफी है कि संगठन पर उनकी पकड़ कितनी कमजोर हो चुकी है। करमवीर सिंह की ताजपोशी एक अरसा हो चुका है, लेकिन जिला संगठन की यदि बात करें तो संगठन की बैठकों में कार्यकर्ता के नाम पर केवल वो नजर आते हैं उनकी गाड़ी में बैठे होते हैं। जिला संगठन के तमाम ऐसे कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं जो जिला संगठन पर करमवीर सिंह गूमी की ताजपोशी को अखिलेश यादव का एक गलत फैसला मान रहे हैं।
जनता से नहीं कोई सरोकार
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव प्रदेश भर में घूम-घूम कर भले ही जनता से जुड़े मुद्दों को खाासतौर से किसानों, मजबूरों, छात्रों, व्यापारियों, महंगाई, विकास के मुद्दों पर सरकार को घेरते हों, लेकिन जिला संगठन का अखिलेश यादव के इन मुद्दों से कोई वास्ता नजर नहीं आता। मेरठ में जमीन पर तमाम ऐसे आंदोलन हुए हैं जो आम आदमी से जुड़े हैं, लेकिन सपा जिलाध्यक्ष इनमें कहीं नजर आए हों, ऐसा ध्यान नहीं आता। महानगर का विकास हो या फिर शासत्रीनगर सेंट्रल मार्केट प्रकरण तमाम मुद्दों से सपा का जिला संगठन दूर ही भागता नजर आया। यहां तक कि कभी भी इन मुद्दों को लेकर अपने मौजूदगी तक दर्ज नहीं करायी।


