पत्र में लगाया अनाधिकृत शख्स द्वारा संचालन करने का गंभीर आरोप, सीएम योगी से जांच सहकारी समिति की जांच की मांग
मेरठ। आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दामोदर शर्मा ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर उपभोक्ता सहकारी समिति उपक्षेत्र संख्या-7 में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उसकी जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने सीएम को अवगत कराया है कि उपभोक्ता सहकारी समिति उपक्षेत्र संख्या-7 के नाम से संचालित है। इसका सचिव अमित एक महाभ्रष्ट व्यक्ति है उक्त समिति की एक उचित दर की दुकान उप. सह.स. 7 / 1 के नाम से संचालित है और इस पर एक अन्य उचित दर की दुकान उप सह. समिति 5/4 भी सम्बद्ध है/
जांच में अनाधिकृत व्यक्ति दुकान का संचालन
शिकायतों के पश्चात दुकान की जांच हुई जांच में अनाधिकृत व्यक्ति दुकान का संचालन करता पाया गया और अन्य अनियमितताओं के साथ दुकान में 15 कु. खाद्यान्न कम पाया गया, जिसके उपरान्त दुकान निलम्बित करते हुए आपूर्ति विभाग मेरठ द्वारा उक्त समिति के सचिव व सेल्समैन अमित के विरूद्ध आवअधि की धारा में थाना सदर बाजार मेरठ में मुकदमा दर्ज कराया गया। कार्यवाही के पश्चात अमित के 7 नं. समिति के सचिव रहते हुए उक्त समिति की समस्त दुकानों की आपूर्ति भी निलम्बित होनी चाहिये थी, परन्तु इसके पश्चात अमित द्वारा विभिन्न माध्यम से आपूर्ति विभाग मेरठ के अधिकारियों पर दबाव बनाकर उप सह. समिति 7 / 1 व 5/4 की उचित दर की दुकानों के सम्बद्धीकरण की संस्तुति आपूर्ति विभाग द्वारा अपनी ही दूसरी दुकान उप. सह. समिति 7/4 पर कराकर जिला अधिकारी, मेरठ से स्वीकृति ले ली गई जबकि इस दुकान पर पहले से ही उप सह. स. 5/5 उचित दर की दुकान सम्बद्ध थी और शासनादेश सं. 7 / 2019 / 29-06-2019 -162 सा. / 2001 5 अगस्त 2019 के अनुसार विशेष परिस्थितियों के अलावा एक उचित दर की दुकान से एक उचित दर ही सम्बद्ध हो सकती है। इसके अलावा यह दुकाने 7/4 की लिंक शॉप भी नहीं है। इस तरह इस एक दुकान पर तीन दुकाने सम्बद्ध हो गयी है और दुकान पर भारी भीड़ होगी और अकारण ही जनता को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पर्याप्त खाद्यान्न भी नहीं था
इस सम्बद्धीकरण पर 7 नं. समिति के सचिव अमित द्वारा इसलिये भी जोर दिया गया क्योंकि उसके पास 7/1 उचित दर की दुकान निलम्बित होने के पश्चात हस्तगत करने के लिये पर्याप्त खाद्यान्न भी नहीं था और अन्य दुकान से सम्बद्धीकरण के पश्चात उसे पूरा खाद्यान्न हस्तगत करना पड़ता और उस पर एक और मुकदमा दर्ज हो जाता ।वास्तवितकता यह है कि सह. समितियों की अधिकतर दुकानों की यही स्थिति है हाल ही में आजाद उप. सह. समिति की दुकान पर भी समस्त खाद्यान्न गायब होने पर मुकदमा दर्ज हुआ उप. सह. समिति उपक्षेत्र नं. 1 व 5 की लगभग सभी दुकानों पर आधार प्रमाणीकरण घोटाले में मुकदमा दर्ज है, परन्तु आपूर्ति विभाग मेरठ द्वारा इस घोटाले के असली खिलाड़ी यानि इनके सचिवों को बचा लिया गया और सिर्फ सेल्समैन के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। अजय दामोदर का आरोप है कि उप. सह. समिति 7/4 पर 7/1 व 5/4 का सम्बद्धीकरण पूर्णतया शासनादेश व विधि के विपरीत है, अत: इस सम्बद्धीकरण को हटाया जाने व नियमानुसार अन्य कार्यवाही की जाए। उन्होंने इसको लेकर मंडलायुक्त को भी पत्र लिखा है।


