दिव्या मित्तल! मेरठ से की थी प्रशासनिक सेवा की शुरूआत

Shekhar Sharma
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आईएएस अफसर दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर उठ रहे हैं सवाल, प्रेशर या फिर वजह कोई और

मेरठ। साल 2014 में मेरठ में जॉइंट मजिस्ट्रेट के पद से नौकरशाही में आने वालीं आईएएस अफसर ने दिव्या मित्तल पद छोड़ दिया है। उन्होंने बतौर एक प्रशासनिक अफसर सरकारी सेवा को अलविदा कह दिया है। वह संत कबीर नगर, मिर्ज़ापुर और देवरिया में डीएम और कलेक्टर के पद पर भी रहीं। मेरठ तैनाती के दौरान उस वक्त कबड्डी संघ के चेयरमैन रजनीश कौशन ने प्रो कवड्डी का टूर्नामैंट कराया था, उसमें रजनीश कौशल ने दिव्या मित्तल को बतौर चीफ गेस्ट बुलाया था। वो आयी भीं थीं और उनका सम्मान भी रजनीश कौशल ने किया था। इसी साल 6 मई से दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश सरकार में राजस्व विभाग की विशेष सचिव नियुक्त की गई थीं। करियर के शुरुआती दौर में गोंडा की चीफ़ डेवलपमेंट ऑफ़िसर भी रहीं। इसी साल 6 मई से दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश सरकार में राजस्व विभाग की विशेष सचिव नियुक्त की गई थीं। सवाल पूछा जा रहा है कि जब सब कुछ सही चल रहा था तो फिर इस्तीफे की वजह क्या है। अच्छी नौकरी मान सम्मान और इस्तीफा बात हजम नहीं हो पा रही है। या यह मान लिया जाए कि राजनीतिक पारी की शुरूआत कर सकती हैं। वैसे दिव्या मित्तल के इस्तीफे से भाजपाईयों के मुंह का स्वाद कसैला बताया जा रहा है।

एक्स पर किया इजहार

 “आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए आईएएस से त्यागपत्र दे दिया है. साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी।” उन्होंने अपनी पोस्ट में निजी अनुभव और खुशियों से जुड़ी कई भावुक बातों का ज़िक्र किया है। लंदन से लौटने के मुद्दे पर उन्होंने लिखा, “मूर्ख थी जो सोचा था कि कुछ देने आयी हूँ। सच यह है कि सबसे ज़्यादा मैंने ही पाया, और वो कर्ज़ और भी बढ़ता गया. इतना प्यार, इतना सम्मान, इतना अपनापन मिला, कि मेरी झोली पूरी भर गयी।” कुछ इसको तंज मान रहे हैं।

2013 बैच की आईएएस अफसर

साल 1983 में जन्मीं दिव्या मित्तल ने आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग और फिर आईआईएम बेंगलुरु से मैनेजमैंट की पढ़ाई की है। उन्होंने पहले लंदन में भी काम किया है। वह साल 2013 बैच की आईएएस अफसर हैं। मसूरी में ट्रेनिंग के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में कई पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी सेवाओं की शुरूआत मेरठ से हुई, जहां उन्होंने बतौर ज्वाइंट मजिस्ट्रेंट ज्वाइनिंग दी थी।

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