सीजेपी आंदोलन में आमरण अनशन से एकाएक पीछे हटने के बाद भाजपा से नजदीकियों को लेकर हुई थी खुब चर्चा
नई दिल्ली। पर्यावरणविद सोनम वांगचुक का सीजेपी के नेताओं को लेकर दिया गया बयान तमाम सवालों का जन्म दे रहा है। जानकार पूछ रहे हैं कि यह सब किस के इशारे पर। वो कौन तत्व हैं जो सोमन वांगचुक के कंधे पर बंदूक रखकर सीजेपी पर निशाना साध रहे हैं। किस के हाथों सोमन वांगचुक खेल रहे हैं। भाजपा से उनकी नजदीकियों की चर्चा आम है। उन्होंने जाे कुछ भी कहा उस पर सीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया आनी अभी बाकि है। हालांकि, वांगचुक ने यह भी कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखना गलत नहीं है और वह चाहेंगे कि ज़्यादा युवा नेता राजनीतिक पार्टियों से जुड़ें या अपनी खुद की पार्टियां बनाएं। उनके बाद के अल्फाज जरूर घालमेल करने वाले हैं।
सोमन ने बता दिया स्वार्थी
सोमन ने अभिजीत दीपके और उनके साथियों को स्वार्थी बताते हुए कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं दिखती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है, बशर्ते यह स्टूडेंट प्लेटफॉर्म अपनी गैर-राजनीतिक पहचान बनाए रखे। एक पॉडकास्ट में वांगचुक ने कहा कि दिपके और अन्य लोगों ने उनके सामने कोई योजना नहीं रखी थी और उनकी राय उनके अपने आकलन पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा बहुत सामान्य बात है। मुझे उनके पिछले राजनीतिक संबंधों से कोई फर्क नहीं पड़ता। वर्तमान और भविष्य की राजनीतिक आकांक्षाएं कोई समस्या नहीं हैं। आयोजकों की व्यक्तिगत या राजनीतिक आकांक्षाओं की संभावना का ज़िक्र करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि वे ऐसे संत नहीं हैं जो कुछ भी नहीं चाहते और यह सब पूरी तरह निस्वार्थ भाव से कर रहे हैं। नेतृत्व के लिए उनकी उपयुक्तता का आकलन करते हुए सोनम वांगचुक ने आयोजकों को नेक इरादों वाले, काफी कुशल और औसत से बेहतर बताया।


