CCSU भारी फोर्स ने नहीं निकलने दिया पैदल मार्च

Shekhar Sharma
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दिग्विजय भाटी व मोहित जाटव के साथ पुलिसिया बर्बरता के विरोध में सीसीएसयू से पैदल मार्च का था एलान

मेरठ। दिग्विजय भाटी कांड से हो रही फजीहत के चलते पुलिस इस मामले को अब ज्यादा तूल दिए जाने के मूड में नहीं। इसी के चलते आज सीसीएसयू के गेट से निकाले जाने वाल पैदल मार्च नहीं निकले दिया गया। छात्रों के पैदल मार्च को देखते हुए सीसीएस यूनिवर्सिटी में फोर्स तैनात किया गया है। यह इंस्पेक्टर मेडिकल सत्यवीर सिंह अत्री, इंस्पेक्टर नौचंदी अनूप कुमार सिंह और इंस्पेक्टर देहली गेट अतुल कुमार को इन छात्रों को मनाने का जिम्मा दिया गया है। वह छात्रों को मना रहे हैं ताकि पैदल मार्च के कार्यक्रम को रद्द किया जा सके। अफसर पुलिस प्रशासन के अफसर सीसीएसयू के गेट पर ही पहुंच गए। मार्च निकालने को लेकर काफी बहस व झड़प हुई, लेकिन वहां मौजूद भारी पुलिस फोर्स और अफसर मानों यह ठानकर आए थे कि चाहे कुछ भी हाे जाए पैदल मार्च नहीं निकलने दिया जाए और उन्होंने किया भी वैसा ही। सीसीएस यूनिवर्सिटी में पैदल मार्च की तैयारी कर रहे छात्रों ने पुलिस प्रशासन पर छात्रों को रास्ते में रोकने का आरोप लगाया है। छात्रों के बीच पहुंचे सपा नेता हिमांशु सिद्धार्थ ने कहा कि उनके काफी साथियों को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया है। जिन्हें रोका गया है वो वीडियो बनाकर इस चीज की जानकारी दे रहे हैं। हालांकि बाद में एक प्रतिनिधि मंडल एसएसपी से मिलवा दिया गया। एसएसपी ने भी केवल इतना कहा कि शासन की जो गाइड लाइन है उसके मुताबिक कार्रवाई होगी।

पैदल मार्च का एलान था

भारतीय किसान यूनियन (डॉ. बीआर अंबेडकर) के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और जिलाध्यक्ष मोहित जाटव के साथ निवर्तमान एसएसपी अविनाश पांडे के द्वारा कथिततौर पर की गई मारपीट के विरोध में सोमवार को दलित और गुर्जर छात्र नेताओं की तरफ से बहुजन न्याय मार्च के बैनर तले पैदल मार्च का ऐलान किया गया था। भारी पुलिस फोर्स लगाकर प्रशासन ने उसे रोक दिया। छात्र नेताओं को पहले ही रोक लिया गया। इसकी जानकारी मिलते ही हंगामा शुरू हो गया। सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया गया। धरने की सूचना पर एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह और एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले भारी पुलिस लेकर सीसीएसयू आ धमके। काफी देर नोकझोंक होती रही। आखिरकार छात्र अफसरों की बात मानने को मजबूर हो गए।

एसएसपी को ज्ञापन

बाद में एसपी सिटी छात्रों के एक दल को लेकर एसएसपी ऑफिस पहुंचे और उनकी मिलाक़ात कराई। हिमांशु सिद्धार्थ ने ललिता गौतम हत्याकांड के आंदोलन कार्यों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने, तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे समेत सभी पुलिसकर्मियों पर मुकदमे दर्ज करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन कराने की मांग उठाई। एसएसपी ने सभी मांगों पर शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही कार्रवाई की बात कही।

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