
आज सुबह किए गए हैं साउथ ईरान पर व्यापक हमले, हमले के बाद शांति समझौता अधर में लटकना तय, ईरानी प्रतिक्रिया का इंतजार
नई दिल्ली। 28 फरवरी जब ओमान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही थी और उसी दौरान 28 फरवरी को अचानक ईरान पर अमेरिका व इजरयल ने हवाई हमले कर दिए थे, ठीक उसी प्रकार आज सुबह जब दोनों देशों के बीच शांति समझौते के बेहद करीब बताए जा रहे हैं, तभी अचानक अमेरिका ने दक्षिण ईरान पर एयर स्ट्राइक कर व्यापक हमले किए हैं। अमेरिकी लड़ाकू जहाजों ने ईरानी के मिसाइल ठिकानों और जहाजों को निशाना बगया है। अमेरिका ने सफाई दी है जो जहाज समुंद्र यानि स्ट्रेट होर्मूज की ओर जानेवाले पानी के रास्ते के नीचे सुरंग बनाकर वहां मिसाइल बिछा रहे थे, केवल उन्हें निशाना बनाया गया है। ईरान पर आज सुबह अमेरिकी एयर स्ट्राइक के बाद वार्ता में बिचौलिया बने मुल्कों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका को संयम से काम लेना चाहिए। यह वक्त एयर स्ट्राइक के लिए सही नहीं। एयर स्ट्राइक पर ईरानी सरकार की प्रतिक्रिया अभी नहीं आयी है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड
आज सुबह दक्षिण ईरान पर की गयी एयरस्ट्राइक पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सफाई दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा कि ये हमले आत्मरक्षा में किए गए और उनका मक़सद ईरानी बलों से सैनिकों को होने वाले ख़तरे से बचाना था। सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सेना जारी युद्धविराम के दौरान संयम बरतते हुए अपने सैनिकों की रक्षा करती रहेगी।
ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जब ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन संघर्ष ख़त्म करने वाला कोई समझौता तत्काल होने वाला नहीं है। हॉकिन्स ने बताया कि हमले बंदर अब्बास के पास किए गए। यह दक्षिणी बंदरगाह शहर ईरानी नौसैनिक अड्डे का केंद्र है और होर्मुज स्ट्रेट पर स्थित है। ईरानी सरकारी मीडिया ने ख़बर दी थी कि बदर अब्बास में धमाकों की आवाज़ सुनने के बाद स्थानीय अधिकारी जांच कर रहे हैं.इससे पहले 28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इन हमलों का शांति समझौते पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। कई देशों ने ईरान पर आज सुबह की गयी अमेरिका की इस हिमाकत की कठोर सख्त लहजे में मजम्मत की है।
स्ट्रेट होर्मूज हमले की वजह
आज सुबह अमेरिकी एयर स्ट्राइक के पीछे जानकार स्ट्रेट होर्मूज को वजह बता रहे हैं। ईरान ने स्ट्रेट हाेमूर्ज पर जानलेवा घातक मिसाइलों का पहरा बैठा दिया है। ईरान की मर्जी के बगैर गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें मिसाइल अटैक से डुबो दिया जा रहा है। अमेरिका के जहाज भी ईरानी मिसाइलों की मार से नहीं बच सके। ईरान उन्हें भी पिछले दिनों भारी नुकसान पहुंचा सका है। याद रहे कि स्ट्रेट होर्मूज खुलवाने के लिए अमेरिका तमाम प्रयास कर चुका है। नॉटो और यूरोपियन देशों से भी मदद मांग चुका है, लेकिन ईरान के खिलाफ कोई भी देश मदद के लिए खुलकर आने आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।


