सुनील कुमार जैन व सुशील कुमार जैन को अदालत ने दी जमानत, धारा 467, 471 और 120-बी आईपीसी जाएगी बढ़ाई
मेरठ। सदर दुर्गाबाड़ी स्थित प्राचीन दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में करोड़ों के चढावा चोरी, व सोने चांदी आदि गवन तथा मंदिर पर काविज होने के लिए फर्जी चुनाव मामले में अभियुक्तों में शामिल सुनील कुमार जैन सर्राफ पुत्र मूलचंद जैन निवासी कलालखाना थाना सदर बाजार और सुनील कुमार जैन चावल पुत्र सतीश चंद जैन निवासी 731/ए पीएल शर्मा रोड थाना लालकुर्ती को अदालत ने मुचलकों पर रिहा कर दिया है, लेकिन आने वाले दिनों में सुनील कुमार जैन और सुशील कुमार जैन सर्राफ समेत बाकि सभी अभियुक्तों की मुश्किलें बढ़नी तय हैं। दरअसल इस मामले में दर्ज की गयी एफआईआर में थाना सदर बाजार पुलिस ने अभियुक्तों रंजीत जैन, मृदुल जैन, अनिल जैन बंटी, अनिल जैन पूर्व सभासद, विजय सनमति, संजय सुखदा, सुशील कुमार जैन, सुनील कुमार जैन पर पुलिस ने एफआईआर में धारा 420, 504, 506, 467, 471 और 120-बी लगायी, लेकिन विवेचना के दौरान अभियुक्तों अनिल बंटी सर्राफ, अनिल जैन पूर्व सभासद, विजय सनमति, संजय सुखदा, सुनील कुमार जैन और सुशील कुमार जैन सर्राफा से धारा 467, 471 और 120-बी हटा दी गयी। लेकिन जैन मंदिर में चढ़ावा चोरी और मंदिर पर अवैध रूप से कब्जा करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने की मुख्य धारा 420 सभी अभियुक्तों पर समान रूप से जारी रखी गयी। विवेचना के दौरान मुख्य रूप से धारा 467 का हटाया जाना ही सुनील कुमार जैन और सुशील कुमार जैन सर्राफा जमानत का आधार बना
बढ़वाई जाएगी धारा 467
सदर दुर्गाबाड़ी स्थित प्राचीन दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में करोड़ों के चढावा चोरी, व सोने चांदी आदि गवन तथा मंदिर पर काविज होने के लिए फर्जी चुनाव मामले की एफआईआर कराने वाले ऋषभ एकाडेमी के सचिव डा. संजय जैन का आरोप है कि विवेचना के नाम पर अभियुक्तों ने जांच को प्रभावित करने के लिए पुलिस से साज कर 467, 471 और 120-बी को हटावा दिया गया, लेकिन इस मामले में चुप नहीं बैठा जाएगा। अदालत को पूरे साक्ष्य और सबूत खासकर वो जिनमें अभियुक्तों की स्वीकरोक्ति है वो अदालत के सामने पेश कर 467, 471 और 120-बी बढ़ाए जाने की प्रार्थना की जाएगी। इन धाराओं के बढ़ाए जाने के बाद ही जैन मंदिर में चढ़ावा चोरी करने वाले जेल की सलाखों के पीछे पहुंच सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह धर्म की लड़ाई है। सदर जैन समाज के हजारों लोग और मंदिर के सदस्यों की आस्था से खिलवाड़ की लड़ाई है। चढ़ावा चोरी कर सदर जैन समाज की आस्था व भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जा सकता। उनकी जगह जेल की सलाखों के पीछे हैं। डा. संजय जैन ने कहा कि वह कोई केवल सदर जैन समाज के आस्था व धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को सजा दिलाना चाहते हैं। यह लड़ाई मंदिर को बचाने की है। इसमें उनका कोई निजी स्वार्थ नहीं है। वह इस मामले में धाराएं बढ़ाए जाने तक चुप बैठने वाले नहीं है। इस मामले में धाराएं बढ़ाए जाने का सीधा मतलब अभियुक्तों की मुश्किलें बेतहाशा बढ़ना है।


