आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज चौधरी ने कंपाउंड़िंग की कार्यवाही के खिलाफ दायर की है जनहित याचिका
मेरठ। शहर की घनी आबादी वाले पीएल शर्मा रोड इलाके में पुराने मकानों को ताेड़कर बनाए गए अवैध किंग बेकरी कांप्लैक्स की कंपाउंडिंग की कार्रवाई को लेकर 6 अक्तूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई की जाएगी। पीएल शर्मा रोड सरीखे बेहद भीड़ वाले तंग बाजार में किंग बेकरी के इस अवैध कांप्लैक्स का केवल पीएल शर्मा रोड ही नहीं बल्कि इससे सटे बेगमपुल, आबूलेन, लालकुर्ती और बेगमबाग सरीखे इलाकों में व्यापक विरोध हो रहा है, लेकिन आरोप है कि लोगों को किंग बेकरी के इस अवैध निर्माण से होने वाली असुविधाओं को दरकिनार कर सेटिंग गेटिंग के चलते मेरठ विकास प्राधिकरण के कुछ अफसर कंपाउंड़ करने पर उतारू है। अवैध कांप्लैक्स को वैध करने के इस खेल को प्राधिकरण ने सशर्त कंपाउंडिंग का नाम दे दिया। इसके इतर जिनके लिए यह अवैध निर्माण मुसीबत साबित हो रहा है उनका कहना है कि प्राधिकरण के जो अफसर किंग बेकरी के अवैध कांप्लैक्स को वैध करने का खेल खेल रहे हैं वो यदि मौके पर आकर मुआयना करें और देखें कि जिस गली में एक ई रिक्शा मुश्किल से गुजरती है, उस गली में इस कांप्लैक्स में की दुकानों का रास्ता बना दिया गया है। जब यह कांप्लैक्स खुल जाएगा तो इसमें करोड़ाें रुपए कीमत की दुकानें लेने वालों की भी अपनी गाड़ियां होंगी, लाजमी है कि जो भी इस अवैध कांप्लैक्स में करोड़ों का खर्चा कर दुकान लेगा वह कम से कम गाड़ी होल्डर तो जरूर होगा। ऐसे में जब पहले से ही पीएल शर्मा रोड पर जाम लगा रहता है उस जाम भरे पीएल शर्मा रोड पर इस अवैध कांप्लैक्स में दुकानें लेने वालों की गाड़ियां भी आ जांएगी तब क्या हाल होगा। इसलिए यह जरूरी है कि प्राधिकरण के जो अफसर इस अवैध कांप्लैक्स की कंपाउंड़िग का खेल खेल रहे हैं वो अपने एसी रूम से निकलकर मौके पर आकर मुआयना करें अन्यथा पीएल शर्मा रोड समेत इस अवैध कांप्लैक्स की वजह से आसपास के जिन बाजारों और गली माेहल्ले वालों को भारी असुविधा उठानी पड़ रही है वो प्राधिकरण के उन अफसरों को कभी माफ नहीं कर पाएगे।
यह कहना है मनोज चौधरी का
इसको लेकर आरटीआई एक्टिवस्ट मनोज चौधरी ने बताया कि शहर में पी०एल० शर्मा रोड पर पिछले लगभग 12-13 वर्षो पूर्व से लेकर पिछले वर्ष तक 6-7 आवासीय भूखण्डों को आपस में मिलाकर अवैध तरीके से / नियम विरूद्ध तरीके से निर्माण किये गये विशालकाय व अवैध किंग बेकरी काम्पलेक्स को मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा पिछले वर्ष सन् – 2025 में सभी नियमों को ताक पर रखकर सशर्त शमन किये जाने की अनुमति अवैध किंग बेकरी काम्पलेक्स के मालिकों को प्रदान की गयी थी। उन्होंने बताया कि कोर्ट से आग्रह किया गया है कि इस प्रश्नगत गम्भीर विषय में संज्ञान लिया जाना आवश्यक है क्योंकि पूरी तरीके से अवैध और अशमनीय किंग बेकरी काम्पलेक्स को सशर्त शमन किये जाने की अनुमति को निरस्त करन जरूरी है क्योंकि यह मामला जनहित से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष सन 2025 में हाईकोर्ट इलाहाबाद में एक जनहित याचिका दायर की गयी। वर्तमान में भी वह जनहित याचिका विचाराधीन है और जिस पर लगातार हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है और साथ ही साथ इस गम्भीर विषय को आगे आने वाले समय / अदालती तारीखों पर शिकायतकर्ता द्वारा शहर के एक अन्य चर्चित सैन्ट्रल मार्किट प्रकरण के साथ जोड़कर/अटैच करके इसको सुप्रीम कोर्ट के समक्ष गलत तरीके से शमन किये जाने के विषय को रखा जायेगा / चुनौती दी जायेगी। इसके बाद/उपरान्त सारी जिम्मेदारी मेरठ विकास प्राधिकरण की होगी ।


