इंडियन मीडिया की विश्व व्यापी फजीहत

Shekhar Sharma
2 Min Read

नार्वे की एक छोटी सी घटना ने बता दिया कि पूरी दुनिया भारतीय मीडिया को किसी दर्जा नीचे स्तर पर पहुंचा हुआ मीडिया देखती है

नई दिल्ली। नार्वे की राजधानी ऑसलो में पीएम मोदी से अल्पसंख्यकों और इंडियन मीडिया की विश्व रेंकिंग को पूछे गए सवाल का उत्तर भले ही ना मिला हो, लेकिन दुनिया भर में इंडियन मीडिया की फजीहत जरूर हो गयी। इंडियन मीडिया की दुनिया में फजीहत कोई पहली बार नहीं है। याद कीजिए पीएम मोदी के साथ जर्मनी गए इंडियन मीडिया के प्रतिनिधि मंडल को जर्मन अफसरों ने उस हॉल में जाने नहीं दिया और बाहर ही रोक दिया जहां पीएम मोदी मौजूद थे। उस घटना की शिकायत पीएम मोदी से उनके साथ गए मीडिया कर्मियों ने भी की थी, लेकिन हुआ कुछ नहीं, सिवाए पूरी दुनिया में फजीहत के।

इंडियन मीडिया की दुनिया में 157वीं रेंक

 नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास स्टोर से मीटिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वहां की एक पत्रकार हेला लेंग को अपने सवाल पर कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने एक्स पर इसका वीडियो पोस्ट कर दिया। हेला लिंग ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया। मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी। वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है और भारत 157वें स्थान पर है।” नॉर्वे पांच में से चार इंडिकेटर्स में दुनिया के 180 देशों में नंबर वन है. सिर्फ़ सामाजिक इंडिकेटर में वह दूसरे स्थान पर है लेकिन वह भी मामूली अंतर से। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा पर हैं और इससे पहले वो नीदरलैंड्स भी गए थे, जहां उनके पहुंचने से पहले डच पीएम रॉब जेटेन ने भारत में प्रेस स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की स्थिति को लेकर चिंता जताई थी।

(बीबीसी से सभार)

Share This Article