अली खामनेई के खून का बदला लेगा ईरान

Shekhar Sharma
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अली खामेनेई का अंतिम संस्कार, अली खामेनेई की मौत का “शत्रुओं” से “खून का बदला” लेगा, Ali Khamenei funeral under way as dignitaries arrive

नई दिल्ली। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार सप्ताह भर (3 से 9 जुलाई) चल रहा है। यह फरवरी में एक हमले में उनकी मृत्यु के चार महीने बाद हो रहा है। उनके पार्थिव शरीर को तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मुसल्ला में रखा गया है और उन्हें 9 जुलाई को मशहद में दफनाया जाएगा। ईरानी सेना कमांडर का कहना है कि उनका देश अली खामनेई की हत्या करने वालों से उनकी मौत का बदला जरूर लेगा। वहीं दूसरी ओर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता मरहूम आयतुल्ला अली आमनेई के दफीने शुरू कर दिया गया है। भारत समेत दुनिया भर से लोग तेहरान पहुंच गए हैं। दफीने में शामिल होने के लिए भारत से जाने वालों में हिन्दू और सिध धर्म गुरू भी शामिल हैं। याद रहे कि 86 वर्षीय खामेनेई 28 फरवरी को युद्ध के पहले दिन अपने परिसर पर हुए अमेरिकी-इजरायली संयुक्त हवाई हमले में परिवार के कई सदस्यों के साथ मारे गए थे।

राजशाही की थी खत्म

अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी उस क्रांति के पीछे वैचारिक शक्ति थे जिसने पहलवी राजशाही के शासन को समाप्त किया, वहीं खामेनेई ने सैन्य और अर्धसैनिक तंत्र को आकार दिया। यह अंतिम संस्कार उनके उत्तराधिकारी और बेटे, मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में आयोजित होने वाला पहला बड़ा राजकीय कार्यक्रम भी होगा। ईरान और इराक में सात दिवसीय अंतिम संस्कार कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 3 जुलाई को तेहरान में हो गई है, जहां दुनिया भर के वैश्विक नेता, वरिष्ठ अधिकारी, धार्मिक हस्तियां और विद्वान श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। 4 और 5 जुलाई को तेहरान में सार्वजनिक दफीने शुरू होंगे। शव को, परिवार के कई सदस्यों के शवों के साथ, ग्रैंड मोसल्ला में अंतिम विदाई के लिए रखा जाएगा। बड़ी सभाओं के लिए निर्मित ग्रैंड मोसल्ला ईरान के सबसे बड़े प्रार्थना परिसरों में से एक है और लंबे समय से प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों और राजकीय समारोहों के आयोजन स्थल के रूप में कार्य करता रहा है। 6 और 7 जुलाई को, अंतिम संस्कार जुलूस तेहरान के अन्य हिस्सों से होते हुए राजधानी से लगभग 120 किलोमीटर (75 मील) दक्षिण में स्थित क़ोम की ओर बढ़ेगा।

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