मस्कट से ईरान का अमेरिका को संदेश

Shekhar Sharma
3 Min Read

ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, अमेरिका और ईरान की बातचीत व समझौत में ओमान की मुख्य भूमिका

नई दिल्ली। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 11 जुलाई को ओमान की राजधानी मस्कट पहुंच गए हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षा, समुद्री तनाव और हाल ही में अमेरिका के साथ बढ़े सैन्य टकराव के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा करना है। पिछले कुछ दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम टूटने के बाद भारी तनाव पैदा हो गया है। अमेरिका ने व्यापारिक जहाजों पर हमले के जवाब में ईरान पर हवाई हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने भी बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया

अमेरिका को संदेश

अराघची ने अमेरिकी ट्रेजरी (वित्त मंत्रालय) पर MoU का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। वे ओमान के माध्यम से अमेरिका तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि यदि प्रतिबंध और धमकियां जारी रहीं, तो अंतिम शांति समझौते पर बातचीत रुक जाएगी। दरअसल पिछले कुछ दिनों से अमेरिका की ओर से उकसावे या सीधा कहें जंग को भड़काने की हरकतों से ईरानी हुकूमत बेहद सख्त नाराज है। इसी नाराजगी के चलते खाड़ी के देशों में मौजूद अमेरिका के फौजी ठिकानों को ईरानी मिसाइलों से निशाना बनाया। वहीं दूसरी ओर सैय्यद अब्बास अराघची का मस्कट पहुंचे के पीछे मुख्य ऐजेंडा स्ट्रेट होर्मूज के रास्ते जहाजों को सुरक्षित गुजरने के लिए एक बेहतर और सुरक्षित सिस्टम को बनाना है। इसके अलावा सैन्य टकराव को शांत करने और जून में पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए समझौता ज्ञापन (MoU) की शर्तों को बहाल करने पर चर्चा होगी।

यूएस को चाहिए फ्री आवाजाही

दरअसल स्ट्रेट होर्मूज से यूएस फ्री आवाजाही चाहता है। अमेरिका मांग कर रहा है कि ईरान वाणिज्यिक जहाजों पर हमले रोके और टोल-फ्री लेन सुनिश्चित करे, जिस पर ओमान में परोक्ष बातचीत हो सकती है। हालांकि ईरान पहले भी साफ कर चुका है कि बगैर टोल वसूले किसी भी जहाज को गुजरने नहीं देगा।

Share This Article