वैशाली में गरजी निगम की जेसीबी हंगामा

Shekhar Sharma
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नगरायुक्त के निर्देश पर हटाए गए रसूखदारों के कब्जे, सरकारी जमीन पर मकानों के पिछले हिस्सों में खड़े कर लिए थे स्ट्रक्चर

मेरठ। महानगर की जलभराव की समस्या को लेकर गंभीर नगरायुक्त सौरभ गंगवार के निर्देश पर आज नगर निगम के ध्वस्तीकरण दस्ते ने प्रवर्तन दल के सहयोग से गढ़ रोड वैशाली कालोनी इलाके में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। अभियान के दौरान जमकर हंगामा हुआ। लेकिन प्रवर्तन दल और पुलिस फोर्स की मौजदूगी के चलते विरोध करने वाले कुछ खास नहीं कर सके। हालांकि उन्होंने हंगामा करने में कोई कोरकसर नहीं रखी। भाजपा नेता अंकित चौधरी को लोगों ने मौके पर बुला लिया, लेकिन अभियान को लीड कर रही सहायक नगरायुक्त निगम ने साफ कह दिया कि अवैध कब्जे शहर के लिए अभिशाप साबित हो रहे हैं। इनकी वजह से नाले नालियों की समुचित सफाई नहीं हो पा रही है। सरकारी कार्य में बाधा डालने से बेहतर है कि सहयोग किया जाए।

लोग होने लगे जमा

नगर निगम के अफसर जिनमें सहायक नगरायुक्त तनुजा निगम, संपत्ति अधिकारी भोलानाथ गौतम, प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल संजीव तोमर सेना मेडल, पटवारी रूद्रेश व राजकुमार तथा प्रवर्तन दल का दस्ता व भारी पुलिस फोर्स आज दोपहर करीब एक बजे गढ़ रोड स्थित शहर की पॉश वैशाली कालोनी में पहुंचे। जेसीबी और निगम के दस्ते को देखकर वहां भारी संख्या में लोग जमा होने लगे। उन्होंने खुसर-पुसर शुरु कर दी। निगम की जेसीबी जैसी ही हरकत में आयी लोगों ने वहां हंगामा और विरोध शुरू कर दिया। विरोध करने वालों के सामने प्रवर्तन दल वाले पहुंच गए। उन्हें पीछे कर दिया। उसके बाद सहायक नगरायुक्त के निर्देश पर जेसीबी हरकत में आ गयी और सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाना शुरू कर दिया। तमाम ऐसे कब्जे भी हटाए गए जो किसी मकान की बाउंड़ी बॉल के बाहर किए गए थे। ये कब्जे वहां पर हैज लगाकर किए गए थे। इसके अलावा तमाम लोगों ने अपने मकान के पीछे जहां से नाला निकल रहा है, वहां सरकारी जमीन पर स्ट्रक्चर खड़े कर लिए। इन स्ट्रक्चरों से नाले के साइड वाली जगह पर अवैध कब्जे किए गए थे। इन सभी कब्जों को निगम की टीम ने अभियान चलाकर हटवा दिया। हालांकि इस दौरान हंगामा खूब हुआ, लेकिन अभियान पूरी शिद्दत के साथ चलाया गया।

कैसे हो नालों की सफाई

नाले नालियों पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम के अभियानों का विरोध करने वाले ही महानगर में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव को लेकर सबसे ज्यादा शोर मचाते हैं। लेकिन जब निगम के अफसर नाले नालियों को अवैध कब्जों को मुक्त कराने के लिए अभियान चलाते हैं तो आस्तीन चढ़ा लेते हैं। और ऐसा भी नहीं है कि शहर के नालों की सफाई नहीं हुई है। नालों की यदि सफाई ना करायी गयी होती तो पूरा शहर टापू नजर आता। यह ठीक है कि शहर के कुछ इलाकों में पानी भरा लेकिन कुछ ही देर में वहां से पानी निकल भी गया। यह तभी हो सकता जब नालों की सफाई करायी गयी है। नगरायुक्त सौरभ गंगवार खुद नालों की सफाई की निरंतर मॉनिटरिंग करते रहे हैं। जिसका नतीजा बारिश में शहर जलभराव का देर तक ना होना रहा। पानी तेजी से निकल भी गया।
वर्जन
नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने लोगों से नाले नालियों पर कब्जा ना करने तथा स्वयं ही अपने कब्जे हटा लेने की अपील की है। उनका कहना है कि नाले नालियों पर कब्जों की वजह से सफाई कार्य में बाधा आती है। इसकी वजह से ही बारिश के मौसम में जलभराव होता है। नाले नालियों पर अवैध कब्जों को किसी भी दशा में स्वीकार्यता नहीं दी जा सकती।

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