बलदेव टेंट के गोदाम पर गरजेगी जेसीबी

Shekhar Sharma
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आला अधिकारियों ने इस अवैध गोदाम को लेकर आयी खबर का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट की तलब, कार्रवाई की जानकारी पर लाेगों ने ली राहत की सांस

मेरठ। कंकरखेड़ा थाना के रोहटा रोड नारायण गार्डन आवासीय कालोनी में अवैध रूप से बनाये गए बलदेव टेंट के कामर्शियल गोदाम जल्द ही जेसीबी गरजेगी। सिस्टम के आला अधिकारियों ने इस अवैध गोदाम को लेकर आयी खबर का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब कर ली है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि अफसरों को रिपोर्ट में अवगत कराया गया है कि कंकरखेड़ा थाना के रोहटा रोड नारायण गार्डन आवासीय कालोनी में आबादी के बीच संचालित किया जा रहा टैंट हाउस का गोदाम पूरी तरह से अवैध है। ना तो उसकी अनुमति ली गयी और ना ही मेरठ विकास प्राधिकरण से उसका मानचित्र स्वीकृत कराया गया है। यह भी सुनने में आया है कि प्राधिकरण के इस जोन के जोनल अधिकारी ने भी इस टैंट हाउस के गोदाम के खिलाफ ही रिपोर्ट प्रेषित की है। अफसरों का तो यहां तक कहना है कि केवल टैंट हाउस के गोदाम का ही ध्वस्तीकरण नहीं होगा बल्कि बलदेव टैंट हाउस की भी जांच कराई जा रही है। इस जांच के दायरे में जीएसटी तथा दूसरे करों को लेकर संबंधित महकमों से जानकारी तलब की गयी है। सूत्रों का कहना है कि यदि जीएसटी की चोरी पकड़ी जाती है ताे यह मामला टैंट हाउस संचालक के लिए बेहद गंभीर साबित होगा। यह भी बताया गया है कि बलदेव टैंट का गोदाम ध्वस्त करने से पहले वहां व्यापक फोर्स लगायी जाएगी।

ये है पूरा मामला

कंकरखेड़ा थाना के रोहटा रोड नारायण गार्डन आवासीय कालोनी में अवैध रूप से बनाये गए बलदेव टेंट के कामर्शियल गोदाम को लेकर प्रमुखता से समाचार अपलोड किया गया था, जिसका संज्ञान ले लिया गया है। संज्ञान ले लिए जाने के बाद अब ध्वस्तीकरण की बारी है। आरोप है कि यह अवैध गोदाम इस बड़े इलाके के लोगों के लिए भारी मुसीबत साबित हो रहा है। जो लोग त्रस्त हैं। इस पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद इस कालोनी के लोगों ने अब राहत की सांस ली है हालांकि उनका कहना है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जब तक नहीं हो जाती वो चुप बैठने वाले नहीं हैं। कालोनी के लोग चाहते हैं कि अफसर बगैर किसी देरी के इस अवैध गोदाम को ध्वस्त कराएं। साथ ही इस बात की भी जांच करायी जानी चाहिए कि आवासीय कालोनी में इतना बड़ा कामर्शियल गोदाम कैसे बन गया। इसके लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि इस मामले की जांच के आदेशों में यह भी स्पष्ट रूप से प्राधिकरण से पूछा गया है कि यह किस जेई के कार्यकाल में बना और क्या-क्या कार्रवाई की गयीं। मसलन इस अवैध गोदाम के संचालक को नोटिस दिए गए या नहीं। यह कब कब सील किया गया, इसको लेकर तमाम जानकारी तलब की गयी है। कालोनी के लोगों का आरोप है कि इस अवैध गोदाम के लिए केवल मेरठ प्राधिकरण ही नहीं बल्कि नगर निगम और प्रदूषण विभाग के अफसर भी कम कसूरवार नहीं है। रोहटा रोड स्थित नारायण गार्डन कालोनी आवासीय है। आवासीय कॉलोनियों (रिहायशी इलाकों) में कमर्शियल या व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने और कार्रवाई करने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। यदि कोई कमर्शियल गतिविधि विशेष रूप से आरक्षित रिहायशी (Residential-only) इलाके में पाई जाती है, तो उस परिसर को तुरंत सील करने का आदेश है।

कालोनी लोग चाहते हैं FIR

गोदाम के खिलाफ बीएनएस की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कराए जाने का पर्याप्त प्रावधान दिया है। विधि विशेषज्ञों की राय में ऐसे अवैध गोदाम संचालक पर तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। रिहायशी इलाके में व्यवसायिक गोदाम चलाना वैसे ही गैरकानूनी है, और ऊपर से गंदगी फैलाना तथा कचरा जलाकर वायु प्रदूषण करना पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 270 (सार्वजनिक उपद्रव/Public Nuisance) के तहत एक गंभीर दंडनीय अपराध है। लोगों बताया कि गोदाम संचालक कई बार गंदगी व कूडा कचरा आवासीय कालोनी के भीतर ही जला देता है। उसमें प्लास्टिंग और दूसरे ऐसे ही सामान जलाए जाते हैं जिससे भारी प्रदूषण फैलता है। उस वक्त कालोनी के लोगों के लिए सांस लेना भी दुश्वार हो जाता है। कूडा कचरा व प्लास्टिक जलाए जाने की वजह से लोग बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। दिन भर यहां जगह जगह गोदाम संचालक कचरा जलाता देखा जा सकता है।

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