
नगर निगम प्रशासन अफसरों के दावों के इतर महानगर की सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षदों के आरोपों के चलते दावों और हकीकत में जमीन आसमान का अंतर
मेरठ। नगर निगम प्रशासन के उच्च पदस्थ अफसरों के दावे और सांसद अरुण गोविल का सपना स्वच्छता के मामले में मेरठ को इंदौर बना देने का है, लेकिन सफाई व्यवस्था को लेकर निगम के पार्षदों के आरोपों की बात करें तो निगम के अफसरों के दावों और सांसद के सपनाें की जमीनी हकीकत कहीं भी मेल नहीं खा रही है। सफाई के मामले में यदि ऑल इंडिया रैकिंग की बात की जाए तो मेरठ का नाम अभी दूर-दूर तक टॉप टेन में शुमार होने की कोई सूरत और उम्मीद नजर नहीं आ रही है। महानगर के जगह-जगह खासतौर से वार्डों में जो घनी आबादी वाले हैं वहां जगह-जगह लगू कडे कचरे के ढेर बता देंगे कि मेरठ को इंदौर बनाने का दावे करने और सपने देखने में कोई दम नहीं।
गाड़ियां खराब सफाई कर्मचारी नदारद
महानगर को इंदौर बनाने का दावा करने वाले नगर निगम के अफसरों को शायद इस बात का इलम नहीं कि जैसा कि कूडा कचरा उठाने वाले तमाम गाड़ियां जो वार्ड में लगायी गयी हैं उनकी फिटनेस ही नहीं है, तमाम गाड़ियां रास्ते में ही हांफने लग जाती हैं। वार्ड पचास के पार्षद संजय सैनी ने आज एक वीडियो निगम के अफसरों को भेजा है जिसमें वह डोर टूु डोर कूुडा उठाने वाली गाड़ी के पास खड़े हैं जो चलते-चलते खराब हो गयी। यह वीडिया आज का बताया गया है। वीडियो नगरायुक्त व नगर स्वास्थ्य अधिकारी को भी भेजा गया है। इसके अलावा जुर्रानपुर रेलवे फाटक के पासकूड़े के ढेर और सड़ांध ने लोगों का सांस लेना मुश्किल कर दिया है। दिल्ली रोड शताब्दीनगर स्टेशन से हापुड़ रोड को जाने वाले बिजली बंबा बाइपास रोड जुर्रानपुर रेलवे फाटक के पास ढेर और दुर्गंध से निगम अफसर बेखबर हैं। यहां से पुराना खत्ता रैपिड प्रोजेक्ट के दौरान हटा दिया गया था, लेकिन यहां फिर से डंपिंग साइट बना दी जा रही है। इसके लिए किसने आदेश दिए हैं इसका उत्तर कचरा लाकर डालने वाले नहीं देते हैं। आसपास का कचरा यही डंप किया जा रहा है। धीरे धीरे यहां कूडे का पहाड़ तैयार हो रहा है।
निगम अफसर बेखबर
हापुड़ रोड पर कुछ समय पहले पूर्व पार्षद व रालोद नेता अब्दुल गफ्फार के आग्रह पर नगरायुक्त निरीक्षण को जब पहुंचे तो वहां कूडे के छोटे-छोटे पहाड़ों ने उनका स्वागत किया। नगरायुक्त के दौरे के बाद उम्मीद की जा रही थी कि गदंगी के पहाड़ हटवा दिए जाएंगे, लेकिन ऐसा हो ना सका। हापुड़ रोड कमेला पुल के समीप का खत्ता समाप्त करने के बाद कुछ ही दूरी पर पुराना कमेला रोड किनारे कूड़ा डंप किया जा रहा है। यहां भी लोहिया नगर कूड़े की पहाड़ की तर्ज पर कूड़े से प्लास्टिक बोतल, लोहा सहित दोबार उपयोग लायी जाने वाली सामग्री डंप की जा रही है। स्वच्छता की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले निगम के अधिकारियों को यह गंदगी नजर नहीं आती है।


