ताकि परिंदा भी ना मार सके पर

Shekhar Sharma
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सुरक्षा के किए जा रहे हैं अभूतपूर्व इंतजाम, तकनीक के भरोसे कांवड़ यात्रा को सुरक्षित बनाने का प्रयास

मेरठ। इस बार कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए जा रह हैं। अफसरों का प्रयास है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा के इंतजाम ऐसे हों कि परिंदा भी पर ना मार सके। इसके लिए बेहद हाइटेक सिस्टम अपनाया गया है। इतना ही नहीं पुलिस महकमे के अलावा करीब आधा दर्जन विभागों को निगरानी का जिम्मा सौंपा जा रहा है। इनमें लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, सामान्य विभाग, फूड सेफ्टी, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, पंचायती राज विभाग, ट्रैफिक विभाग, दमकल विभाग शामिल हैं। कांवड़ रूट से जिस विभाग से जुड़ी समस्या सामने आयेगी, कंट्रोल रूम स्टाफ वहां मौजूद उस विभाग के प्रतिनिधि को समस्या निस्तारण की जिम्मेदारी सौंपेगा। प्रभारी इंस्पेक्टर नजीर अली खान बताते हैं कि यात्रा में यह कंट्रोल रूम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जैसे ही एंट्री गेट मुजफ्फरनगर बार्डर से कांवड़िया जिले में प्रवेश करेगा, उसकी देखभाल शुरु हो जाएगी। एग्जिट प्वाइंट तक निगरानी होगी। एक क्लिक पर पूरा इलाका स्क्रीन पर दिखेगा। सैटेलाइट से यह कवर है और हांगकांड की मशीने यहां लाकर लगाई गई हैं। हाई डेफिनेशन कैमरों ने व्यवस्था पर विश्वास बढ़ाया है।

चौबीस घंटे तीसरी नजर

कांवड़ यात्रा को शांति पूर्वक संपन्न कराने के लिए चौबीस घंटे कंट्रोल रूम से निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। जो इंतजाम इस बार किए जा रहे हैं और जो तकनीक अपनायी जा रही है वह पहली बार है। कंट्रोल रूम में यहां 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था तैयार की गई है। आठ-आठ घंटे की ड्यूटी एक्सपर्ट पुलिसकर्मी देंगे। खास बात यह है कि यहां एक लैंड लाइन फोन के अलावा वायरलैस सेट भी लगाया गया है, जहां से तत्काल कोई भी सूचना फ्लैश हो सके। यह सीधा मार्ग तकरीबन 110 किलोमीटर का है। जैसे जैसे यात्रा आगे बढ़ेगी, इन मार्गों पर कांवड़ियों की आमद भी तेज होगी। इंतजाम ऐसे हैं कि पल-पल का अपडेट ले सकें। कांवड़ मार्ग पर हाई डेफिनेशन कैमरों का जाल बिछाया गया है। यह सभी कैमरे सैटेलाइट की मदद से कंट्रोल रूम से जोड़े गए हैं। हांगकांड से लायी गईं दो मशीने इस पूरी व्यवस्था को खास बनाती हैं। इस पूरी व्यवस्था से भविष्य की संभावनाओं को और प्रबल किया है। अफसरों की मानें तो बहुत जल्द फेस रिकग्निशन इस व्यवस्था का हिस्सा होगी। फिलहाल यहां 250 कैमरों का जाल बिछा है, जिसे यात्रा शुरु होने तक 300 में तब्दील करने की योजना है।

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