तेजी से फैल रहा ईरान US जंग का दायरा

Shekhar Sharma
3 Min Read

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के मित्र देशों को निशाना बना रही है ईरानी की जानलेवा घातक मिसाइलें

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग का दायरा तेजी से फैल रहा है। यूएस ने ईरान पर हमले तेज किए हैं तो ईरान मिडिल ईस्ट में अमेरिका के मित्र देशों पर मिसाइलों के रूप में मौत बरसा रहा है। जंग के थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। पाकिस्तान सरीखे जो देश मध्यस्थता कर रहे थे, उनके भी प्रयासों मे अब पहले जैसी गरमजोशी नजर नहीं आ रही हे। दरअसल ईरान और अमेरिका दोनों ही देश अपनी अपनी शर्तों पर युद्ध खत्म करना चाहते थे, लेकिन अमेरिका की हालत ज्यादा पतली नजर आती है, यूं दिखाने को हमेशा की तरह यूएस खुद के जंग में आगे होने का दावा कर रहा है। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इरान के भीतर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं. इसके जवाब में इरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।

बुरी तरह से पिछड़ा यूएस

यह कहना कि अमेरिका (US) इस जंग में पूरी तरह पिछड़ गया है, रणनीतिक रूप से पूरी तरह गलत नहीं है, क्योंकि 5 महीने से जारी इस भीषण युद्ध में दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य महाशक्ति होने के बावजूद अमेरिका ईरान को घुटने टेकने पर मजबूर नहीं कर पाया है। वैश्विक सैन्य विश्लेषकों और Bloomberg & Atlantic मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस वक्त पश्चिम एशिया में एक बेहद कठिन परिस्थिति में फंस चुके हैं

गाजा से निकल सकता है रास्ता

ईरान और अमेरिका के बीच शांति का रास्ता गाजा से निकल सकता है। ईरान ने जो शर्त युद्ध खत्म करने के लिए रखी हैं उनमें गाजा में इजरायल की बमबारी पर पूरी तरह से रोक लगाया जाना भी शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने दावा किया है कि हमास गाजा में पूर्ण रूप से निशस्त्रीकरण (हथियार सौंपने) के रोडमैप पर सहमत हो गया है, हालांकि, हमास ने शर्त रखी है कि हथियारों को तभी सौंपा जाएगा जब इजराइल अपनी सेना पूरी तरह पीछे हटाएगा। इजराइल ने अभी इस समझौते को आधिकारिक मंजूरी नहीं दी है। जानकारों का कहना है कि यदि इजरायल की सेनाएं गाजा से पीछे हट जाती है तो शायद ईरान भी शांति के लिए राजी हो जाए। इजरायल का इसके लिए तैयार होना आसान नहीं है।

TAGGED:
Share This Article