US नेवी ने डूबाेया भारतीय जहाज

Shekhar Sharma
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स्ट्रेट होर्मूज पार करते वक्त यूएस नेवी ने किया हमला, ईरान और अमेरिका ने एक दूसरे के ठिकानों पर किए भीषण हमले

नई दिल्ली। ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रहे यूएस नेवी के कमांडो ने स्ट्रेट होर्मूज से गुजर रहे एक भारतीय जहाज को डूबो दिया। अमेरिकी नौसेना द्वारा ओमान की खाड़ी में यह कार्रवाई की।इतना ही नहीं अमेरिकाने भारतीय जहाज को डूबो देने की कार्रवाई को सही ठहराया दिया है। वहीं दूसरी ओर भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से इस पर अभी प्रतिक्रिया नहीं आयी है। ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग की कीमत भारत लगातार चुका रहा है। इससे पहले भी भारतीय जहाजों पर कई बार हमले हो चुकें हैं। ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड भी भारतीय जहाजों पर हमले कर चुके हैं। इस बीच इजरायल ने दुनिया के सामने ग्रेटर इजरायल का कान्सेप्ट रखा है। इजरायली पीएम नेतन्याहू का कहना है कि उनका देश ग्रेटर इजरायली परियाजनों पर काफी आगे तक काम कर चुका है। इसको लागू कर करेंगे।

एक दूसरे पर भयंकर हमले

ईरान के दक्षिणी इलाकों में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने जवाब की कार्रवाई में देरी नहीं की और ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने बहरीन, जोर्डन और कूवैत स्थित अमेरिका फौजी ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए। वहां भारी भरकम मिसाइलें दागी गयी हैं। इन हमलों में यूएस आर्मी को भारी नुकसान की खबर है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) का कहना है कि उसने बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े और जॉर्डन में एक हवाई अड्डे पर हमला किया, जो इससे पहले दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी हमलों के जवाब में था, जबकि कुवैत ने ईरानी हमले की आशंका जताई है। ओमान के सोहार से 37 किलोमीटर (20 समुद्री मील) उत्तर-पूर्व में एक टैंकर के इंजन कक्ष में आग लगी। यूकेएमटीओ ने एक हताहत की सूचना दी, लेकिन इसके बारे में और कोई जानकारी नहीं दी। उसने आग लगने का कारण भी नहीं बताया। अप्रैल में युद्धविराम लागू होने के बाद से अमेरिकी और ईरानी दोनों सेनाओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले किए हैं। दोनों पक्षों द्वारा लागू की गई दोहरी नाकाबंदी के कारण हजारों जहाज इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में फंसे हुए हैं।

हमलों के बावजूद जंग से परहेज

अमेरिका और ईरान एक दूसरे के ठिकानों पर लगातार और भारी हमले कर रहे हैं, लेकिन जानकारों का कहना है कि इसके बावजूद दोनों ही देश बड़ी लड़ाई से परहेज बरत रहे है। ना तो ईरान और ना ही अमेरिका बड़ी लड़ाई की बात कर रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोलनाल्ड ट्रंक लगातार ईरान के साथ सम्मानजनक समझौते की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि जल्द ही यह समझौता दुनिया के सामने होगा। दोनों देश बहुत अच्छा समझौता करने जा रहे हैं।

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