हाइवे पर जाम गाड़ियां फंसी

Shekhar Sharma
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अंतिम दौर में डाक कांवड़ के चलते दोनों साइड कांवड़ियों के कब्जे में

मेरठ/ कांवड़ यात्रा के अंतिम दौर में शुरू होने वाली डाक कांवड़ के चलते आज एनएच-58 और रुड़की रोड समेत पूरे कांवड़ मार्ग पर जबरदस्त जाम लग गया। दरअसल जो रोड साइड सामान्य वाहनों के लिए रिजर्व की गयी थी, उसको डाक कांवड़ लेकर जाने वालों ने कब्जा लिया। सोमवार को दोपहर के वक्त एकाएक डाक कांवड़ियां पहुंचने शुरू हो गए। रोड की जा े साइड सामान्य कांवड़ियों के लिए रखी गयी है उससे होकर जाना डाक कांवड़ियों के लिए संभव नहीं था, इसी के चलते उन्होंने सामान्य लोगों के लिए रिजर्व की गयी रोड साइड से गुजरना शुरू किया। बड़ी संख्या में डाक कांवड़ियों के आने के चलते पुलिस ने अन्य वाहनों को रोक दिया। वाहनों को रोक दिए जाने की वजह से हाइवे समेत तमाम इलाकों में भारी जाम लग गया। हाईवे पर डाक कांवड़ की रफ्तार के चलते पूरा यातायायत सिस्टम बैठ गया। । दोनों तरफ से डाक कांवड़ दौड़ने के कारण कांवड़ियों में आगे निकलने की होड़ मची रही। बड़ी संख्या में शिवभक्त सड़क के दोनों ओर दौड़ते नजर आए। कांवड़ियों की संख्या अधिक होने से हाईवे का बड़ा हिस्सा उनकी आवाजाही में घिरा रहा। फ्लाईओवर पर दोनों दिशाओं से आ रही डाक कांवड़ों के कारण स्थिति और बिगड़ गई। आगे निकलने की होड़ में कांवड़ियों की भीड़ बढ़ती गई और वाहनों की रफ्तार थम गई। फ्लाईओवर पर जाम जैसे हालात बन गए। इसी दौरान एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। मरीज को लेकर जा रहे वाहन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। केवल एम्बुलेंस ही नहीं गर्मी और उमस की वजह से बाकि लोग भी गाड़ियों में फंसे-फंसे हलकान रहे।

दौड़ते हुए आगे निकलते

वहीे दूसरी ओर कई शिवभक्त डिवाइडर पर बाइक उतारकर दूसरी तरफ पहुंचते और फिर दौड़ते हुए आगे निकलते नजर आए। इससे हाईवे पर सामान्य वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। डाक कांवड़ की तेज रफ्तार और लगातार बढ़ती भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था बनाए रखना पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती बना रहा। वाहन चालकों को भी कांवड़ियों की भीड़ के बीच निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा।

कांवड़ यात्रा मेें भी नीला ड्रम

ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के बहुचर्चित नीला ड्रम हत्या कांड के साइड इफैक्ट से कांवड़ यात्रा भी नहीं बची रह सकती। एक शिवभक्त प्लास्टिक के नीले ड्रम में 251 लीटर गंगाजल लेकर आया है। शिवभक्त ने कहा कि लोगों ने नीले ड्रम को बदनाम कर दिया है। लोग नीले ड्रम से घबराना बंद कर दें। इसलिए इसमें गंगाजल लाया हूं इसी जल से भोलेनाथ का जलाभिषेक करुंगा। ड्रीम सिटी के रहने वाले उज्जवल ठाकुर कांधे पर चार नीले ड्रम लेकर चल रहे हैं। वो इसमें हरिद्वार से 251 लीटर गंगाजल लाए हैं। उन्होंने कहा कि भोलेनाथ ही कांवड़ लाने की हिम्मत देते हैं। उन्हीं का नाम लेते हुए यात्रा पूरी हो जाती है। पिछले सात साल से लगातार कांवड़ ला रहा हूं। वह मन्नत नहीं बस भोलेबाबा में आस्था है इसलिए हर साल जल लेकर आता हूं। इस बार सोचा कि कुछ अलग रूप से कांवड़ लाई जाए इसलिए ये नीला ड्रम लिया। इसी में हरिद्वार हर की पैड़ी से गंगाजल भरकर लाया हूं। उज्जवल ठाकुर 26 जुलाई को अपने साथियों के साथ हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। उन्होंने हरिद्वार से मेरठ तक का लगभग 13 दिन का सफर तय किया है। उन्होंने कहा कि नीले ड्रमों का प्रयोग किसी विवादित संदर्भ से प्रेरित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों के मन में नीले ड्रमों को लेकर एक गलत धारणा बन गई है, जबकि इनका उपयोग अच्छे और धार्मिक कार्यों के लिए भी किया जा सकता है। इसी विचार के साथ उन्होंने इस कांवड़ यात्रा में नीले ड्रमों का इस्तेमाल किया है। उज्जवल ने बताया कि कांवड़ यात्रा एक सफर नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है। उनकी शिवभक्ति उन्हें हर वर्ष हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने के लिए प्रेरित करती है। कांवड़ यात्रा सफर नहीं बल्कि आस्था है।

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