नगर निगम के वार्ड 48 में गलियों में भरा है पानी, लोग घरों में कैद बारिश थमने के बाद भी नहीं निकला पानी
मेरठ/ नगर निगम के वार्ड 48 माधवपुरम सेक्टर तीन में बारिश थमने के बाद भी इलाके से पानी नहीं निकला। इस इलाके में बारिश का पानी भरे होने की वजह से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं या फिर गंदे पानी से होकर उन्हें आना जाना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि दरअसल इस इलाके में जितने भी सीवार हैं वो सभी चोक पड़े हैं। बारिश की वजह से इस इलाके की सड़कें व गलियों के रास्ते पूरी तरह से डेमेज हो गए हैं। और तो और यहां सबसे ज्यादा किल्लत शुद्ध पेयजल की है। वो भी नहीं मिल रहा है। बारिश के बाद उसम और गर्मी के बाद इलाके में पानी भर जाने की वजह से मच्छर पनप गए हैं। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों का क्या हाल हो रहा होगा और वो किस मुसीबत का सामना कर रहे हैं इसका अहसाास ना तो अफसरों का है और ना ही पब्लिक ने जिन्हें अपनी नुमाइंदगी सौंपी है उनका है। वर्ना ऐसी क्या वजह है कि यहां के वाशिदों की मुसीबत ना तो अफसरों को दिखाई देती है ना ही जन प्रतिनिधियों को नजर है। अफसरों के पास इनती फुर्सत नहीं कि जिनसे तमाम टैक्स वसूले जा रहे हैं जाकर उनकी परेशानियों की भी सुध ले ली जाए। लोगोंं ने सवाल किया कि इस इलाके और इससे सटे तमाम इलाकों में नगर निगम का स्टाफ काम करने के लिए आता है। क्या निगम के स्टाफ ने अपने अफसरों को यहां की बदहाली की जानकारी नहीं दी होगी। लेकिन मुश्किल यह है कि जब तक खुद पर नहीं बीतती तब तक ना तो अफसर और ना ही जन प्रतिनिधियों को परेशानी समझ में आती है।
पूरा इलाका पानी में
इस इलाके में रहने वालों की मुसीबत को अफसरों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया और पत्र लिखकर नगर निगम के अफसरों को अवगत कराया गया है। इस इलाके की समस्याओं पूरी फेरिस्त निगम अफसरों को भेजी गयी है। नगरायुक्त, अपर नगरायुक्त, महाप्रबंधक जल, सहायक अभियंता, अवर अभियंता और ठेकेदार तथा प्रभारी कुंआ सीवर सपा के अफजाल सैफी, आस मोहम्मद, मोहम्मद कासिफ, सोनू कुरैशी, डा. जावेद एडवोकेट आदि ने पत्र भेजकर बताया है कि इस पूरे वार्ड में बारिश के बाद से जगह-जगह सीवर भरे हुए हैं जिससे पूरा क्षेत्र जल मग्न हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि सीवर जेट्टिंग पंप से भी काफी प्रयास करने के बाद भी सीवर लाइन नहीं खुल पाई है और पानी जस का तस भरा हुआ है, जिससे क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पद रहा है तथा कुछ क्षेत्रों में तो सीवर के पानी में मच्छर भी पैदा हो गए हैं, जिससे क्षेत्र में संक्रमक बीमारी मालारिया टायफाइड और जान लेवा बुखार पहनने की आशंका है। बच्चे और बड़ों को खांसी और बुखार भारी तादाद में हो रहा है। गंदगी की वजह से क्योंकि सारे सीवर ऊपर तक लबालब पूरे भरे हुए हैं जिससे पानी नहीं निकल पा रहा है। पत्र में नगर निगम के अफसरों से आग्रह किया गया है कि इस इलाके के लोगों की मुसीबत व परेशानियों को देखते हुए तत्काल प्रभाव से पंप लगवा कर सीवर का पानी निकलवा कर क्षेत्र को जल भराव से निजात दिलायी जाए। सीवर जेट्टिंग मशीन के साथ पंप और सफाई के सभी उपकरण जैसे बांस, खापच्ची, खाईं गेती, बाल्टी, फावडा, रस्सी, पंजाखला के साथ पर्याप्त सफाई मित्र भी भेजे जाएं, जिससे क्षेत्र के सभी सीवर सही तरह से साफ हो सके और तली झाड़ साफ करने का कष्ट करें।
चिकित्सकों के यहां भारी भीड़
इस इलाके समेत आसपास के पूरे इलाके में गंदगी के चलते यहां के प्राइवेट डाक्टरों के यहां मरीजों की काफी भीड़ है। इन मरीजों में सबसे ज्यादा खांसी बुखार, जुखाम व चर्म रोगों के मरीज हैं। कुछ मरीज गंदगी की वजह से उत्पन्न होने वाली बीमारियों की वजह से गंभीर रोगों की चपेट में आ गए हैं। ऐसे मरीजों को प्राइवेट डाक्टर मेडिकल में एडमिट होने की सलाह दे रहे हैं। एलएलआरएम मेडिकल के प्रधानाचार्य डा. आरसी गुप्ता ने बताया कि किसी खास इलाके की बात तो नहीं बतायी जा सकती लेकिन इन दिनों में मेडिकल में मरीजों की आमद अधिक हो जाती है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में जितने भी मरीज पहुंच रहे हैं, सभी को डाक्टर अटैंड कर रहे हैं। मेडिकल में इन दिनों ना तो डाक्टरों की कोई कमी है ना दवाइयों की कोई कमी है। मेडिकल के सरदार बल्लभ भाई पटेल अस्पताली के सीएमएस डा. अजीत चौधरी ने बताया कि जो मरीज गंभीर रोग से पीड़ित है या जितनी तबियत संक्रमित बीमारियों की वजह से ज्यादा खराब है, ऐसे मरीजों को तुरंत एडमिट किया जाता है। अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों को पर्याप्त इलाज की व्यवस्था यहां पर है। वहीं दूसरी ओर नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने बताया कि कांवड़ यात्रा की व्यस्तताओं के बावजूद जहां से भी कोई सूचना मिल रही है, वहां तत्काल काम कराया जा रहा है।


