बुढाना में जमकर गरजे जाट बोले आरक्षण नहीं तो वोट नहीं, बुढाना, बुलन्दशहर, मथुरा व बिजनौर में सम्मेलन का एलान
New Delhi/ मुजफ्फरनगर। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के बुढाना में आयोजित महा सम्मेलन में जाट आरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से गूंजा। जाट आरक्षण समिति के राष्ट्रीय संयोजक यशपाल मलिक ने कहा कि जाट समाज को वर्ष 2000 में तत्कालीन बीजेपी के मुख्यमंत्री रामप्रकाश गुप्ता द्वारा प्रदेश की ओबीसी सूची में शामिल किया गया था। इसके उपरान्त अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा वर्ष 2006 से 2014 तक जाट समाज के अन्य संगठनों का सहयोग लेकर एक राष्ट्रव्यापी आन्दोलन चला, जिसमें खरड़, मेरठ और रामलीला मैदान में बडी रैलियां और 2010 में दिल्ली का पानी रोकना, कॉमनवेल्थ गेम से पहले उसके कार्यालय पर प्रर्दशन और 2011 में राष्ट्रव्यापी रेल रोको आन्दोलन के बाद निरन्तर धरने प्रर्दशन के साथ-साथ देश के 13 राज्यों में जाट संकल्प यात्रा की शुरूआत के बाद मार्च 2014 में चुनाव से पहले केन्द्रीय स्तर पर 9 राज्यों के जाटो को शामिल किया। मार्च 2014 में कुछ कमियों के चलते उच्चतम न्यायालय द्वारा जाट आरक्षण की अधिसूचना को रद्द कर दिया था। इसके तुरन्त बाद 26 मार्च 2015 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जाट समाज के सामाजिक संगठनो द्वारा व राजनितिक नेताओं के सामने कानून बनाकर जाट आरक्षण देने का वायदा किया था। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप दहियार ने कहा कि उत्तर प्रदेश के जाटो ने ही राष्ट्रीय संयोजक यशपाल मलिक के नेतृत्व में पूरे जाट समाज को अपने अधिकारो के प्रति जाग्रत कर राष्ट्रव्यापी आन्दोलन कर जाट आरक्षण दिलाने का कार्य किया था । राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हाजी अलमास चौधरी ने कहो कि यह संघर्ष सभी धर्मो के जाटो के लिये है यह आरक्षण हिन्दु, मुस्लिम, सिख धर्म व विश्नोई जाट इसका लाभ उत्तर प्रदेश में ले रहे है। अब केन्द्रीय स्तर पर जाट आरक्षण लेने के लिये मुस्लिम जाट पहले की तरह ही हर संघर्ष में कन्धे से कन्धा मिलाकर साथ रहेगा।
25 को बुलंदशहर में जाट सम्मेलन
समिति के प्रदेश अध्यक्ष जगतवीर सिरोही ने कहा उत्तर प्रदेश में 25 अक्टूबर को बुलन्दशहर नुमाईश मैदान में जाट सम्मेलन होगा और नवम्बर के अन्तिम सप्ताह में मथुरा और दिसम्बर में बिजनौर में सम्मेलन आयोजित होगें । बुलन्दशहर के सम्मेलन में विस्तृत जाट आरक्षण के लिये योजना घोषित होगी। समिति के महासचिव बीरपाल राणा ने बताया कि बहुत लम्बे समय से जाट आरक्षण आन्दोलन में शिथिलता इसलिये आ गयी थी क्योकि सरकार द्वारा बार-बार वायदा किया गया था अब संगठन का विस्तार कर विस्तृत रणनीति तैयार की जायेगी। उत्तर प्रदेश के सभी जिलो में संगठन का पुर्नगठन किया जायेगा। इस अवसर पर जाट समाज महासभा के देवेन्द्र अहलावत, मोदीनगर जाट समाज के सतीश नेहरा पूर्वी दिल्ली से राजकुमार व लोनी, बागपत, शामली, सहारनपुर, गाजियाबाद, मेरठ व मु0नगर से आये विभिन्न जाट संगठनो के पदाधिकारियो ने जाट आरक्षण समिति साथ संघर्ष में कन्धा से कन्धा मिलाकर साथ देने का वायदा किया। दिल्ली व हरियाणा के पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने राज्यों में भी जाट आरक्षण की मांग उठाने के लिये जल्द ही अपने राज्यो में कार्यक्रम आयोजित करने का वायदा किया।


