इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) का निगम पर धरना, नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा
मेरठ। समाज के मजदूर तबकों से अमीरों की तर्ज पर कामर्शियल टैक्स वसूले जाने के विरोध में इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने धरना दिया। उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन समाज के इस कमजोर व गरीब मजदूर वर्ग के लोगों पर अन्याय पर उतारू है। उनकी पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी। यदि जरूरत पड़ी तो मंडलायुक्त से भी मिलेंगे। नगर निगम में इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने बुधवार को धरना देते हुए नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर महानगर में लघु एवं अतिसूक्ष्म उद्योगों से वसूले जा रहे कॉमर्शियल टैक्स को समाप्त करने की मांग की। साथ ही मलिन, दलित और अल्पसंख्यक बस्तियों में खराब सफाई व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। इस दौरान पार्षद रिजवान अंसारी ने बताया कि शहर के कई छोटे-छोटे मकानों में लोग चप्पल निर्माण, मिट्टी के बर्तन, लकड़ी के सामान, कपड़ा, सिलाई-कढ़ाई और आर्टिफिशियल ज्वैलरी जैसे कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
सरकार करती प्रोत्साहित निगम करता हतोत्साहित
सरकार इन लघु उद्योगों को विभिन्न योजनाओं के तहत प्रोत्साहित भी कर रही है, लेकिन नगर निगम द्वारा इन श्रमिकों से कॉमर्शियल टैक्स वसूला जा रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। IUML ने इस टैक्स को निरस्त करने की मांग की। पार्षद रिजवान अंसारी ने कहा कि ऐसी क्या वजह से जो इस तबके के लोगों को नगर निगम के अफसर हतोत्साहित करने पर उतारू हैं। यह जांच का विषय है। उन्होंने मांग की कि कामर्शियल टैक्स की वसूली रोकी जाए। जिनसे टैक्स वसूल लिया गया है उनको बयाज के साथ रकम वापस दी जाए।


