युद्ध विराम ट्रंप की जीत या हार

Shekhar Sharma
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नई दिल्ली। लड़ाई खत्म होने से पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है। लेकिन यह राहत कितनी देर और समय तक टिक पाएगी यह वक्त बताएगा। सबसे बड़ा सवाल यही है कि कौन कितनी शर्तें मानता है। ईरान ने जो शर्ते रखीं हैं वो यूएस की शतोंं की अपेक्षा अधिक सख्त हैं। जिनमें मुख्य शर्त क्षेत्र का असैन्यीकरण और युद्ध में हुए नुकसान की अमेरिका से भरपाई। ईरान ने भले ही स्ट्रेज हाेर्मूज खोल दिया हो, लेकिन उसने साफ कर दिया है कि यह ईरानी फौज की निगरानी में ही होगा। इसके अलावा सबसे बड़ा सवाल यह कि यूएस और ईरान के बीच हुए समझौते को इजरायल कितना मानता है। इजरायल की ओर से एक भी चिंगारी पूरे मिडिल ईस्ट को आग में झोंक देगी। याद रहे कि युद्ध विराम को पूरी दुनिया के विशेषज्ञ ईरान का ताकत एकत्र करना मान रहे हैं।

कितनी कीमत चुकाएंगे ट्रंप

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से युद्ध की कीमत पहले से चुका रहे हैं, लेकिन वह युद्ध विराम की कितनी कीमत चुकाएंगे। युद्ध की कीमत चुकानी की यदि बात की जाए तो ट्रंप की ईरान को धमकी का उनकी खुद की पार्टी के कांग्रेस सदस्यों ने जमकर विरोध किया। अपने देा में ट्रंप की इमेज एक ऐसा राष्ट्रपति, जिसने घरेलू राजनीति में परंपराओं और मानकों को तोड़ने में जैसे आनंद लिया है, अब वही काम वैश्विक मंच पर भी कर रहा है।

तो हटा दिए जाते डोनाल्ड ट्रंप

डेमोक्रेट नेताओं ने मंगलवार को ट्रंप के बयान की तुरंत निंदा की, और कुछ ने तो उन्हें पद से हटाने की मांग तक कर दी। कांग्रेस सदस्य जोक्विन कास्त्रो ने एक्स पर लिखा, ” यह साफ़ है कि राष्ट्रपति लगातार कमजोर हो रहे हैं और नेतृत्व करने के योग्य नहीं हैं।” अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेट्स के शीर्ष नेता चक शमर ने कहा कि जो भी रिपब्लिकन ईरान युद्ध ख़त्म करने के लिए वोट नहीं करेगा, वह “इसके हर नतीजे की जिम्मेदारी उठाएगा।” हालांकि ट्रंप की अपनी पार्टी के कई नेताओं ने उनका साथ दिया, लेकिन यह समर्थन वैसा सर्वसम्मत नहीं था जैसा उन्हें अक्सर मिलता है। जॉर्जिया से रिपब्लिकन सदस्य और हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के वरिष्ठ सदस्य ऑस्टिन स्कॉट ने “सभ्यता के खत्म होने” जैसी ट्रंप की धमकी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने बीबीसी से कहा, “राष्ट्रपति की टिप्पणियां उल्टा असर डालने वाली हैं, और मैं उनसे सहमत नहीं हूं।” विस्कॉन्सिन के सीनेटर रॉन जॉनसन ( जो आमतौर पर ट्रंप के समर्थक माने जाते हैं) ने कहा कि अगर ट्रंप अपनी बमबारी की योजना को लागू करते हैं, तो यह “बहुत बड़ी गलती” होगी। टेक्सास के कांग्रेस सदस्य नेथनियल मोरेन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वो “पूरी एक सभ्यता के विनाश” का समर्थन नहीं करते। उन्होंने लिखा, “यह हम कौन हैं, यह नहीं दिखाता, और यह उन सिद्धांतों के भी ख़िलाफ़ है जिन्होंने लंबे समय तक अमेरिका का मार्गदर्शन किया है। ” अलास्का की सीनेटर लिजा मुरकोवस्की, जो अक्सर राष्ट्रपति से अलग रुख़ अपनाती रही हैं, ने भी साफ़ शब्दों में कहा कि राष्ट्रपति की यह धमकी “ईरान के साथ बातचीत में बढ़त हासिल करने की कोशिश कहकर नजरअंदाज नहीं की जा सकती।” हालांकि ट्रंप के करीबी अफसरों का कहना है कि प्रेशर की नीति काम कर गई।

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