सेंट्रल मार्केट पहुंचने से पहले अजय राय अरेस्ट

Shekhar Sharma
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अफसराें ने सुबह से ही कर दिया था सेंट्रल मार्केट छावनी में तब्दील, चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल, सेंट्रल मार्केट के पीड़ित व्यापारियों से मिलना था अजय राय को

मेरठ। सेंट्रल मार्केट पहुंचने से पहले ही प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। वहीं दूसरी ओर अजय राय के पहुंचने की खबर एक दिन पहले ही मेरठ के अफसराें को लग गयी थी। इसके बाद वहां भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गयी। इससे पहले बीते गुरूवार को सेंट्रल मार्केट में पीएसी की तैनाती कर दी गयी थी। आज सुबह से सेंट्रल मार्केट और सेक्टर दो दोनों ही जगह चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था। खुद सीओ ने भी डेरा डाल दिया था। जिला और मंडल मुख्यालय पर बैठे अफसर पल-पल का अपडेट ले रहे थे। यह अफडेट लखनऊ में बैठकर सेंट्रल मार्केट के घटनाक्रम को वॉच कर रहे अफसरों को भेजी जा रही थी। वहीं दूसरी ओर अजय राय के मेरठ आगमन के पीछे कांग्रेस नेत्री रीना शर्मा की अरेस्टिंग भी एक कारण संभव है। इससे पहले पुलिस ने हल्ला बोलने जा रहे संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता को भी हाउस अरेस्ट कर लिया था।

दिल्ली से वाया नाेएडा मेरठ था पहुंचना

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय रायम मेरठी कांग्रेसियों के द्वारा पूरे प्रकरण की जानकारी दिए जाने के बाद मेरठ आ रहे थे। वह दिल्ली से चलकर सीधे नोएडा के सेक्टर 52-बी ब्लॉक पहुंचे थे। उनके पहुंचने की भनक जैसे ही नोएडा पुलिस को मिली जहां अजय राय ठहरे हुए थे उस बंगले को घर लिया गया। पुलिस के एसपी स्तर के अफसर बंगले के भीतर गए। अजय राय से मिले और उन्हें बताया गया कि वह मेरठ सेंट्रल मार्केट नहीं जा सकते। शहर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा और पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश काजला ने बताया कि अजय राय ने दो टूक कह दिया कि वह मेरठ में सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों से मिलने के लिए निकले हैं और वहां जरूर जाएंगे। इस पर पुलिस अफसरों ने उन्हें अरेस्ट कर लिया और कहा कि वह अब नहीं जा सकते। इसके बाद अजय राय के पास मेरठ आने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था।

व्यापारी करते रहे अजय राय का इंतजार

सेंट्रल मार्केट और सेक्टर दो के व्यापारियों जिनके रोटी राेजगार पर आफत आयी हुई है, वह अजय राय का इंतजार करते रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की अरेस्टिंग की खबर जब उन्हें अफसरों ने ही दी तो वह काफी मायूस नजर आए। व्यापारियों का कहना था कि ना तो भाजपा की सरकार उनकी मदद कर रही है और कांग्रेस या सपा सरीखे दल उनकी यदि मदद को आगे आते हैं तो उन्हें उन तक पहुंंचने नहीं दिया जा रहा है। यह सरायर अन्याय है। वक्त आने पर इसका जवाब शास्त्रीनगर ही नहीं पूरे मेरठ की जनता देगी। इससे पहले सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर प्रस्तावित ‘हल्ला बोल’ आंदोलन से पहले मेरठ पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया। देर रात भारी पुलिस बल उनके घर पहुंचा और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया गया। शहर के व्यापारिक इतिहास में यह पहला मौका बताया जा रहा है, जब संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष को इस तरह नजरबंद किया गया है।

अरेस्टिंग से ली अफसरों ने राहत की सांस

अजय राय की अरेस्टिंग की खबर जब मेरठ पहुंची तो यहां के अफसरों ने भी राहत की सांस ली। वहीं दूसरी ओर जो भारी पुलिस बल सेंट्रल मार्केट और सेक्टर दो के बाजार में जहां धरना चल रहा है वहां पहुंची तो वो भी रिलेक्स नजर आए। हालांकि जो र्ग्स एक दिन पहले तैनात किया गया वो आज भी वहां मुस्तैद था। धरना जारी रहा। पुलिस ने सख्त बैरिकेटिंग की हुई है वो भी यथावत रही।

बाहरी लोगों पर लगी है रोक

जिस जगह पर यह प्रदर्शन चल रहा है वहां राजनीति के संगठनों के लोगों पर पाबंदी भी है किसी भी पार्टी के नेता को व्यापारियों के बीच नहीं पहुंचने दिया जा रहा है जिसको लेकर पुलिस द्वारा सख्ती की जा रही है। बीते दिन धरना स्थल पर पहुंचे एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि आप कोशिश कीजिए कि आपके बीच कोई बाहरी व्यक्ति जाकर माहौल खराब ना करें ऐसा होने के बाद व्यापारी नेता भी वहां तक नहीं पहुंचे पा रहे हैं।

ये नेता भी पुलिस रडार पर

पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ तस्करा दर्ज किया है, उनमें अतुल प्रधान, सचिन सिरोही, रंजन शर्मा, जीतू सिंह नागपाल, सैकी वर्मा, धर्मेंद्र मलिक और कुलदीप त्यागी समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के नाम भी सूची में हैं, जिन्हें फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश पर की गई है। उद्देश्य केवल शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

उल्लेखनीय है कि 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट द्वारा शास्त्री नगर की 44 संपत्तियों को सील करने का आदेश दिया गया था जिसके तहत आवास विकास में 8 अप्रैल को कार्रवाई की गई। इसके बाद 9 अप्रैल को उसकी एक विस्तृत रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सौंपी गई जहां सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया के क्षेत्र के 859 आवासीय भूखंडों में कोई भी कमर्शियल गतिविधि नहीं चलेगी और इसके साथ ही व्यापारियों को आवासीय में भी सेटबैक छोड़ने होंगे इसी आदेश के विरोध में सेंट्रल मार्केट के सेक्टर 2 में स्थानीय लोग और व्यापारी प्रदर्शन कर रहे हैं। नवीन गुप्ता ने खुद अपने नजरबंद होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया है। शहरहित को देखते हुए उन्होंने फिलहाल शुक्रवार का धरना स्थगित करने का ऐलान किया और 665 प्रभावित व्यापारियों से संयम बनाए रखने की अपील की। नवीन गुप्ता ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार की व्यापारी हितैषी नीतियों को सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रभावी तरीके से नहीं रखा गया, जिसके चलते व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पक्ष रखने के लिए देश के वरिष्ठ वकीलों को खड़ा किया जाए।

सचिन सिराेही ने मांग गृह मिलने से समय

हिन्दू संगठन के नेता सचिन सिरोही जो सेंट्रल मार्केट और सेक्टर दो के व्यापारियों पर आयी आफत को लेकर काफी मुखर हैं और दिल्ली तक पैदल न्याय यात्रा शुरू होने से पहले ही जिन्हें अरेस्ट कर लिया था, उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने का समय मांगा है। इसके लिए उन्होंने पत्र लिखा है और बताया कि पीड़ित व्यापारी भी उनके साथ आ रहे हैं अत समय दिया जाए।

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