खंदक के खद्दर व्यापारियों में उबाल नहीं होंगे शिफ्ट

Shekhar Sharma
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शहर कोतवाली के इलाके के खद्दर मार्केट को शिफ्ट किए जाने का पुरजोर करेंगे विरोध अफसर नहीं मानें तो होगा मेरठ बंद

मेरठ। शहर कोतवाली क्षेत्र में करीब चार सौ साल पुराने खद्दर मार्केट के व्यापारियों को उनके पुश्तैनी ठिकानों से उखाड़ कर अफसर अन्यत्र यानि शहर से बाहर शिफ्ट करना चाहते है। लेकिन व्यापारियों ने दो टूक कह दिया है कि किसी भी दशा में यहां से शिफ्ट होने का उनका कोई इरादा नहीं है। इसीक्रम में आज खंदक के व्यापारियों की हैंडलूम वस्त्र व्यापार संघ के प्रधान व भाजपा नेता अंकुर गोयल की अध्यक्षता में एक मिटिंग हुई। मिटिंग में कोतवाली क्षेत्र के तमाम व्यापारी मौजूद रहे और तय किया गया कि प्रधान अंकुर गोयल को आगे कर इस मामले में शासन प्रशासन में अपनी बात रखी जाएगी। मिटिंग के बाद अंकुर गोयल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल वीसी मेडा संजय मीणा से मिला और दो टूक कह दिया कि वो लोग यदि यहां से जबरन शिफ्ट किए गए तो उसका विरोध किया जाएगा। जो भी कुछ अधिकारी करें पहले व्यापारियों को विश्वास में लें। उन्हें इस संबंध में एक ज्ञापन दिया कि हम अपने बाजार को अन्यत्र शिफ्ट करने के इच्छुक नहीं है फिर भी यदि कोई योजना बनाई जाए तो उसमें व्यापारियों की सहमति अवश्य ली जाए । उपाध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि जब भी कोई योजना बनेगी तो उसमें व्यापार संघ को सम्मिलित कर कर ही उस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

चार सौ साल पुराने प्रतिष्ठान

खंदक बाजार और आसपास में खद्दर के कारोबार से जुड़े कई ऐसे व्यापारी हैं जिनकी पांचवीं या सातवीं पीढ़ी इस कारोबार से जुड़ी है और एक ही प्रतिष्ठान चला आ रहा है। अंकुर गोयल बताते हैं कि उनका परिवार पिछले सौ सालों से यानि मुल्क की आजादी से पहले से यहां इसी स्थान पर कारोबार करते आ रहे हैं। इस स्थान से उनकी भावनाएं जुड़ी हुई हैं। यहीं से उन्होंने कारोबार को फलते फूलते देखा है। कोई अफसर आएगा और कहेंगा कि चलिए खाली कीजिए तो ऐसा कदापि नहीं होने दिया जाएगा। भले ही इसके लिए आंदोलन ही क्यों ना करना पड़े।छ हालांकि व्यापारियों का कहना है कि इसकी नौबत नहीं आएगी। उन्हें अपनी सरकार पर पूरा भरोसा है। यह सरकार कम से कम व्यापारियों का अहित कभी नहीं करेगी।

अफसर जो सोच रहे वो नहीं संभव

खंदक का खद्दर बाजार शिफ्ट किए जाने के नाम पर जो कुछ अफसरों के दिमाग में चल रहा है कारोबारियों का कहना है कि वो संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि इस इलाके में खद्दर के काम का एक सिस्टम बना हुआ है। उस सिस्टम के अनुसार ही सैकड़ों साल से यहां काम हो रहा है। यहां सूत की रंगाई, चादरों की रंगाई व प्रिटिंग, पिको, चादरों व दूसरे खद्दर के आइटम से जुड़े कार्य घर-घर हो रहे हैं। खंदक का खद्दर बाजार करीब पांच लाख लोगों को कुटीर उद्योग की तर्ज पर काम दे रहा है। लाखों परिवार इसकी वजह से पहल रहे हैं। कोई अफसर कैसे इतने लोगों को हाथ से निवाला छीन लेगा। इसके अलावा सबसे बड़ी बात व्यापारियों की सुरक्षा की है। यहां चंद कदम की दूरी पर व्यापारियों के घर हैं। कुछ बात होती है तो तुरंत घर सुरक्षित पहुंच जाते हैं, इसलिए बाजार को यहां से शिफ्ट करने का कोई भी कॉसेप्ट अफसर यदि अपने दिमांग में रखे हो तो निकाल दें। व्यापारी किसी भी दशा में यहां से हिलने वाले नहीं हैं।

ये रहे मौजूद

प्रधान अंकुर गोयल की अध्यक्षता में हुई आपात मिटिंग में मौजूद व्यापारियों में महामंत्री नील कमल रस्तौगी, विकास गर्ग, अजय जैन, राहुल जैन, पंकज बंसल, नवीन अरोरा, गुरजीत कालरा, अभिनव रस्तौगी, किशन कुमार गुप्ता समेत सैकड़ों खद्दर व्यापारी व इनसे जुड़े दूसरे लोग भी मौजूद रहे।

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