भाई प्रतीक यादव का निधन, पार्टी के विधायक सुधाकर सिंह का निधन, प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव है भाजपा नेत्री
नई दिल्ली। सपा सुप्रीमो सांसद अखिलेश यादव पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनके परिवार पर बड़ा संकट आ गया है. उनके भाई प्रतीक यादव का निधन हो गया। प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव हैं और वह भाजपा की नेता हैं. प्रतीक मुलायम सिंह यादव के दूसरे बेटे हैं। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के विधायक सुधाकर सिंह के निधन पर जब अखिलेश यादव लखनऊ के मेदांता अस्पताल पहुंचे, तो दिवंगत नेता के बेटे सुजीत सिंह अखिलेश से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे। अखिलेश ने शोकाकुल बेटे को गले लगाकर ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सुधाकर सिंह का 67 वर्ष की आयु में लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था। निधन की सूचना मिलते ही अखिलेश यादव तुरंत अस्पताल पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने दिवंगत विधायक के अंतिम दर्शन किए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘X’ पर तस्वीरें पोस्ट करते हुए उनके निधन को अत्यंत दुखद और समाजवादी पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति बताया था। अखिलेश यादव ने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया और ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। अखिलेश ने शोकाकुल बेटे को गले लगाकर ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान अखिलेश यादव के नत्र सजल हो गए। उनकी आंखें नम हो गयीं। उन्होंने अपने दर्द को छिपाने का नाकाम प्रयास किया। दुख्र की इस घड़ी में अखिलेश यादव ने उनके पैतृक आवास जाकर परिवार को सांत्वना दी और उनके राजनीतिक जीवन की सराहना की।
मौत की वजह
सुधाकर सिंह की मौत की वजह डाक्टरों ने मल्टी ऑर्गन फेलियर बताया। सुधाकर उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक थे। सुधाकर सिंह के राजनीतिक सफर की बात करें तो उन्होंने 2023 के चर्चित घोसी विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी के दारा सिंह चौहान को भारी मतों से हराकर पार्टी की प्रतिष्ठा बचाई थी और समाजवादी पार्टी में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई थी। वहीं दूसरी ओर प्रतीक के निधन की वजह नहीं पता चल सकी है। उनका विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।
पल्मोनरी एम्बोलिज्म से पीड़ित
पल्मोनरी एम्बोलिज्म की वजह से भी दिल का दौरा पड़ना एक कारण हो सकता है। यह एक तरह की जानलेवा स्थिति साबित हो सकती है, जो फेफड़ों में ब्लड क्लॉट की बाधा से विकसित होती है। आमतौर पर जब आपके पैर या शरीर के किसी दूसरे हिस्से से कोई ब्लड क्लॉट फेफड़ों की किसी आर्टरी में पहुंचकर ब्लड फ्लो ब्लॉक कर देता है तो पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहा जाता है। ये आर्टरी फेफड़ों की मसल्स को खून, पोषण और ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती हैं, इसलिए इनमें किसी भी तरह की रुकावट मसल्स का फंक्शन बंद होने का कारण बन सकती है।
आमतौर पर जब आपके पैर या शरीर के किसी दूसरे हिस्से से कोई ब्लड क्लॉट फेफड़ों की किसी आर्टरी में पहुंचकर ब्लड फ्लो ब्लॉक कर देता है तो पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहा जाता है। ये आर्टरी फेफड़ों की मसल्स को खून, पोषण और ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती हैं, इसलिए इनमें किसी भी तरह की रुकावट मसल्स का फंक्शन बंद होने का कारण बन सकती है।की बीमारी थी और वो उसका इलाज करवा रहे थे। तीन दिन पहले भी उनके एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती होने और फिर डिस्चार्ज होने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताई जा रही पल्मोनरी एम्बोलिज्म बहुत ही खतरनाक बीमारी है, जो जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसलिए इसके लक्षणों के बारे में सभी को जागरुक रहना आवश्यक है।
परिवार में कोहराम
प्रतीक यादव और सुधाकर सिंह के निधन से उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है। निधन की बुरी खबर मिलते ही तमाम परिजन तथा परिवारिक मित्र तथा राजनीतिक दलों से जुड़े लोग जुटने शुरू हो गए। तमाम बड़े नेता वहां शोक जताने पहुंचे।


