कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा के डिजिटल मूल्यांकन में गड़बड़ी पर आईपीए का बड़ा सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग, विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, निष्पक्ष पुनर्मूल्यांकन कराए सरकार — आईपीए
GZB. इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन में सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विनय कक्कड़ ने कहा कि देशभर से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और अभिभावकों की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि कई मेधावी विद्यार्थियों को अपेक्षा से बेहद कम अंक दिए गए हैं। इससे विद्यार्थियों में मानसिक तनाव, अवसाद और भविष्य को लेकर असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा त्यागी ने मांग की है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जाए, पारदर्शी पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था लागू की जाए, उत्तरपुस्तिका प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल बनाई जाए तथा तकनीकी एवं मानवीय त्रुटियों के लिए जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
गड़बड़ी या प्रशासनिक लापरवाही
एसोसिएशन ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी का भविष्य तकनीकी गड़बड़ी या प्रशासनिक लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों और अभिभावकों का विश्वास बनाए रखने के लिए सरकार को तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।


