कॉकरोच इस बैक जंतर मंतर पर कब्जा

Shekhar Sharma
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दिल्ली पुलिस की इजाजत के बाद जंतर मंतर पर भारी जमावड़ा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली। नीट और दूसरे पेपर लीक होने के चलते युवाओं के मौत को गले लगाने से नाराज देश भर के युवा आज कॉकरोज जनता पार्टी को समर्थन देने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भारी संख्या में जंतर-मंतर पर जुट रहे हैं। देश के तमाम राज्यों के केवल युवा ही जंतर मंतर पर नहीं पहुंच रहे हैं बल्कि देश की कई नामी हस्तियां जिनमें पर्यावरणविद व वैज्ञानिक सोनम वॉगचुक भी शामिल हैं, जंतर मंतर पर पहुंचे हैं। इससे पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) दिल्ली पहुंचे उनके नेतृत्व में ही यह पूरा आंदोलन आगे बढ़ रहा है। दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन की मंजूरी मिलने के बाद नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले युवाओं और समर्थकों का भारी जमावड़ा शुरू हो गया है। यह संगठन नीट (NEET) और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और युवाओं के लिए न्याय की मांग कर रहा है

चारों ओर युवाओं का हुजूम व भारी पुलिस फोर्स

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुँचे। उन्होंने कहा है कि ‘आंदोलन को प्रेम और शांति से आगे बढ़ाना है.’ अभिजीत ने बाहर आकर अंबेडकर की किताब को हाथ में उठाया। वे एयरपोर्ट से सीधे जंतरमंतर के लिए निकल गए हैं। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने प्रदर्शन की इजाजत पहले ही ले ली थी। जंतर मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर जहां तक नजर जाती है युवाओं का हुजूम नजर आ रहा है। वहीं दूसरी ओर सुरक्षा इंतजामों के नाम पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। जंतर-मंतर पर भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए, एहतियातन नई दिल्ली जिले के रणनीतिक स्थानों पर 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं कि सीजेपी का कार्यक्रम आगे क्या रहेगा। यहां पर केवल एक दिनी प्रदर्शन है या फिर शाम तक यह प्रदर्शन बेमियादी हो सकता है। हालांकि इसकी उम्मीद कम ही नजर आ रही है।

कॉकरोच का एक्स हैंडल

इससे पहले सीजेपी ने एक्स हैंडल ‘कॉकरोच इज़ बैक’ पर लिखा है, “6 जून, सुबह 9 बजे- मिलते हैं कल, साथी कॉकरोचों. हम धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा लेकर रहेंगे. अब समय आ गया है कि इस छोटे से मज़ाक को एक आंदोलन में बदल दिया जाए।” लेकिन एक तंज़ और उसके बाद मीम के साथ शुरू हुए इस सोशल मीडिया कैंपेन को कितनी गंभीरता से किए जाने की ज़रूरत है? इस प्रदर्शन को लेकर तमाम राजनीतिक दल यानि विपक्षी दल अभी संयम बरत रहे हैं। वो वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं, लेकिन चाहते हैं कि कॉकरोच सरकार के लिए सिदर्दद बने, मगर यह नहीं चाहते कि पॉलटिकल गेन हो। राजनीतिक दल अब मान रहे हैं कि कॉकरोच को इन हालात में अनदेखा किया जाना महंगा साबित होगा।

कॉकरोच की भीड़ तय करेगी भविष्य

नीट पेपर लीक होने से आहत युवाओं के मौत को गले लगाने से नाराज केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांगने वाले कॉकरोच सरकार पर कितना दवाब बना पाते हैं, यह जंतर-मंतर पर आज जुट रही भीड़ तय करेगी। जहां तक इस्तीफे की बात है तो यह कोई आसान काम नहीं है। तमाम एक्टिवस्ट जिनमें योगेन्द्र यादव और सोनम वॉगचुक भी शामिल हैं उनका भी कहना है कि कॉकरोच की धर्मेनद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जायज है। क्योंकि जब कोई वाहन खराब हो जाता है तो उसके पुर्जाें को बदल देना चाहिए। देश में शिक्षा की गाड़ी खराब हो गयी है और शिक्षा मंत्री एक पुर्जे की मानिंद है उन्हें अब बदल दिया जाना चाहिए।

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