एक झटके में उतार दी ट्रंप की खुमारी

Shekhar Sharma
3 Min Read

वार्ता के लिए पहुंचे ईरानी संसद प्रमुख मोहम्मद बगेर गालिबफ ने ट्रंप की ओर इशारा करते हुए कहा “उन्हें अपनी टिप्पणियों के प्रति सावधान रहना चाहिए, हमारी सशस्त्र सेनाएँ अलग तरीके से जवाब देने के लिए तैयार हैं। वे कुछ भी कहें, कार्रवाई हम ही करेंगे।”

नई दिल्ली। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भाषा ईरान के साथ समझौते के बाद भी अकड़न भरी है लेकिन स्विटरलैंड में यूएस के उपराष्ट्रपति से वार्ता शुरू होने से पहले ईरानी संसद प्रमुख मोहम्मद बगेर गालिबफ ने ट्रंप की सारी खुमारी उतार दी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि “उन्हें अपनी टिप्पणियों के प्रति सावधान रहना चाहिए, हमारी सशस्त्र सेनाएँ अलग तरीके से जवाब देने के लिए तैयार हैं। अमेरिकी धमकियों को खारिज करते हुए कहा है कि जरूरत पड़ने पर तेहरान जवाब देने के लिए तैयार है। वह कुछ भी कहें, कार्रवाई हम ही करेंगे।” वह यही नहीं रुके उन्होंने यूएस का नाम लिए बगैर कहा कि “किसी भी स्थिति में, यह राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए ईरान अपनी सभी कानूनी क्षमताओं का उपयोग करेगा।”

ट्रंप बोले हिजबुल्ला को रोके ईरान

लेबनान के हालात के लिए हिजबुल्ला को जिम्मेदार ठहराते हुए वार्ता शुरू होने से पहले ट्रंप ने कहा कि ईरान लेबनान में अपने प्रतिनिधियों उनका ईशारा हिजबुल्ला की ओर था, को रोकने को कहा। ट्रंप और जेडी बेंस लगातार इजरायल की लेबनान पर एयर स्ट्रक को लेकर नाराजगी जता रहे हैं, यह बात अलग है कि इजरायल मानने को राजी नहीं। वहां के हालात खराब होते जा रहे हैं क्योंकि अब हिजबुल्लाह के महासचिव नईम कासिम ने कहा है कि इजरायल लेबनान में नहीं रहेगा, इजरायल द्वारा किसी भी प्रकार के युद्धविराम उल्लंघन का माकूल व करारा जवाब दिया जाएगा।

बार-बार इजरायल को धमका रहे ट्रंप

ईरान से हुए शांति समझौते को बचाने के लिए प्रेसीडेंट ट्रंप बार-बार इजरायल को धमका रहे हैं। उन्होंने एक्स पर कहा  “इजराइल हिजबुल्लाह से बहुत लंबे समय से लड़ रहा है और इसमें बहुत से लोग मारे जा रहे हैं। और किसी की तलाश में हर बार अपार्टमेंट बिल्डिंग गिराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन अपार्टमेंट बिल्डिंगों में बहुत से लोग रहते हैं और वे सभी हिजबुल्लाह के सदस्य नहीं होते। यह मैं आपको बता सकता हूं।””लेबनान और हिज़्बुल्लाह के साथ इज़राइल के बर्ताव से खुश नहीं हैं। उन्हें यह काम तेज़ी से कर लेना चाहिए था। यह सिलसिला कभी खत्म नहीं होगा।”

Share This Article