


रविवार अवकाश के दिन अधिशासी अभियंता अभिषेक राज और उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह पहुंचे दलबल के साथ
मेरठ। आवास विकास परिषद ने व्यवसायिक बताकर जिन 44 भवनों को सील किया था उन भवनों को सील करने के लिए आवास विकास का अमला आज दोबारा मौका मुआयना करने के नाम पर सील करने के लिए जा पहुंचा। सील भवनों पर दोबारा सील लगाए जाने का जब लोगों ने विरोध किया तो सफाई दी गयी कि सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर ऐसा किया जा रहा है। याद रहे कि बीती 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में जो सुनवाई हुई है उसमें सभी के लिए सेटबैक अनिवार्य करते हुए जो 44 भूखंड सील किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया था कि आवास विकास द्वारा इनका सर्वे किया जाएगा और यह तय किया जाएगा की कौन से भूखंड में कितना सेटबैक छोड़ना है या जो पूर्ण रूप से कमर्शियल है उसे किस आधार पर और कितना ध्वस्त किया जाएगा।
आठ अप्रैल को किए गए थे सील
जिन भवनों को आज सील किया गया है उन्हें पूर्व में 8 अप्रैल को सील किया गया था। शास्त्री नगर स्थित के इन 44 भूखंडों में कई ऐसे भी रहे जिनकी सील या तो हट गयी थी या स्वयं ही भवन स्वामी ने हटा दी थी। उनको रविवार को आवास विकास की टीम ने दोबारा डी सील करना शुरू कर दिया है। आवास विकास की टीम इनका सर्वे करेगी। जिसके आधार पर यह तय होगा कि किस भूखंड को कितना सेटबैक छोड़ना है या कौन सा भूखंड कितना ध्वस्त किया जाएगा और इसका कार्य आज शुरू हो गया है। 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में जब सुनवाई हुई थी तब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि इन 44 भूखंडों में आवासीय होने के बाद कमर्शल गतिविधियां चल रही है उन्हें 72 घंटे के अंदर सील कर दिया जाए इसके बाद इनको आवास विकास द्वारा सील किया गया था। इसमें अस्पताल, बैंक, स्कूल, शोरूम सभी शामिल थे। अब इनके सर्वे का कार्य शुरू हो गया है।


