पूरे गांव में मुनादी, खौफ के चलते खेतों व जंगल से बनायी दूरी, रात करीब सवा दस बजे जंगेठी जिजोखर की पुलिस पर था बैठा
मेरठ। जिजोखर और जंगेठी मार्ग पर बीती रात करीब सवा दस बजे तेंदुआ नजर आया। प्रत्यक्षर्शियों के अनुसार जो तेंदुआ देखा गया है वह एक व्यस्क तेंदुआ है। उसका साइज काफी बड़ा और रफ्तार गजब की थी। जिंजोखर निवासी भारतीय किसान यूनियन के नेता विनीत सांगवान बीती रात अपने परिवार के साथ कार में कांवड़ मेला देखकर घर की ओर लौट रहे थे। उस वक्त करीब सवा दस बज रहे थे। जब उनकी गाड़ी जिजोखर जंगठी मार्ग पर पहुंची तो एक छोटी पुलिया पर कार की हेड लाइट में सामने तेंदुआ बैठा नजर आया। इतना बड़ा तेंदुआ देखते ही उन्होंने एकदम कार के ब्रेक मार दिए। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि सामने तेंदुआ बैठा है। तेंदुए को देखकर कार में सवार परिवार के सदस्य दम साधे सामने का नजारा देख रहे थे, उसी दौरान तेंदुआ बिजली की तेजी से उठा और जंगल की ओर झाड़ियों में गुम हो गया। विनीत सांगवान ने बताया कि उन्होंने वीडियो भी बनायीं, लेकिन जहां पर यह तेंदुआ नजर आया वहां पर लाइट नहीं थी। घुप अंधेरा था, इसलिए वीडियाें में झाड़ियों के अलावा कुछ भी नजर नहीं आया। तेंदुए के जाने के काफी देर बाद उन्होंने अपने कार को स्टार्ट किया और घर पहुंचे। पूरी रात उनका परिवार जो तेंदुआ देखा था उसी का जिक्र करता रहा। तेंदुए की यह कोई ताजा एंट्री नहीं है, इसके पहले भी तेंदुआ शहरवासियों को डरा चुका है। तेंदुए ने कई दिनों तक शहर में हड़कंप मचाया था। उस वक्त तेंदुए के हमले में कुछ लोग घायल भी हो गए थे।
गांव में मुनादी
आज सुबह विनीत सांगवान जल्दी जाग गए वो नहीं चाहते थे कि गांव के लोग जंगल की ओर या खेतों की ओर जाएं। वहां तेंदुए की मौजूदगी का खतरा बना हुआ है। उन्होंने गांव के लोगों से तथा पूर्व प्रमुख व प्रधान रहे सतेन्द्र सिंह को यह जानकारी दी। पूर्व प्रमुख ने गांव में उसी वक्त मुनादी कर दी कि खेतों की ओर या जंगल की ओर जाने में परहेज बरता जाए। वहां पर तेंदुआ अभी भी हो सकता है। मुनादी के बाद गांव वालों ने उस ओर जाने की हिम्मत नहीं जुटायी। गांव वालों ने गूगल से वन विभाग के अधिकारियों के नंबर लिए और टोल फ्री नंबर पर भी प्रयास किया, लेकिन दूसरी ओर से कॉल रिसीव नहीं की जा सकी। तेंदुआ देखे जाने से गांव में जबरदस्त दशहत है। लोगों ने आज अपने पशुओं को भी नही खोला।
पहले भी देखा गया है तेंदुआ
मेरठ में पहली बार तेंदुआ नहीं दिखाई दिया है। इससे पहले फरवरी 2014 में सदर बाजार और घनी आबादी वाले इलाकों में एक तेंदुआ घुस आया था, जिसने सिनेमा हॉल, अस्पतालों और निर्माण स्थलों पर काफी देर तक हलचल मचाई और कई लोगों को घायल किया था। बाद में उसको वन विभाग की स्पेशल टीम ने सैन्य इलाके से पिंजरा लगाकर पकड़ा था। अप्रैल 2016 में सदर के कबाड़ी बाजार की एक लकड़ी की टाल और कैंट हॉस्पिटल के वार्ड में तेंदुआ घुस गया था, जिसने कई लोगों को घायल किया था। सितंबर 2017 को सरधना क्षेत्र में करनाल हाईवे पर सड़क चलते हुए एक तेंदुआ दिखाई दिया था। मार्च 2022 को पल्लवपुरम और कंकरखेड़ा क्षेत्र में तेंदुए की आमद से काफी अफरातफरी और दहशत का माहौल रहा। फरवरी 2024 में छावनी के लालकुर्ती थाना क्षेत्र के कैंट एरिया में बीआई लाइन कोठी के सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ घूमता हुआ दिखाई दिया था। अप्रैल 2024 में छावनी के क्षेत्र कसेरूखेड़ा मोहल्ले में एक घर के अंदर तेंदुआ घुस गया था। करीब 8 घंटे चले ऑपरेशन के बाद उसे ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा गया। इसके अलावा जनवरी 2025 में मवाना तहसील के मुबारकपुर गांव में खेतों में एक युवा तेंदुआ देखा गया, जिसे वन विभाग ने करीब ढाई घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पकड़ लिया।


