हाईकोर्ट का आदेश अनिल को दें दस्तावेज

Shekhar Sharma
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ठेकेदार अनिल गुप्ता मांग रहे हैं छोड़े गए ठेके के संबंध में ऑन लाइन दस्तावेज, दस्तावेज देने में फंस सकता है कैंट बोर्ड

मेरठ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कैंट बोर्ड प्रशासन को ठेकेदार अनिल गुप्ता को ऑन लाइन दस्तावेज दिए जाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट ने थाना सदर बाजार पुलिस से इस मामले में कैंट बोर्ड के रवैये को लेकर भी नाराजी जाहिर की। ठेकेदार अनिल गुप्ता की याचिका पर उनके वकील ने जस्टिस देवेंद्र सिंह की कोर्ट में अनिल गुप्ता का पक्ष रखा। इसमें याचिकाकर्ता के वकील और राज्य की ओर से AGA की दलीलें सुनीं और रिकॉर्ड देखा। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अनिल गुप्ता की अर्जी के बाद मेरठ कैंट बोर्ड प्रशासन को आदेशित किया जाता है कि उन्हें जो भी दस्तावेज ऑन लाइन मांगे जा रहे हैं वो मुहैय्या कराए जाएं।

यह है पूरा मामला

ठेकेदार अनिल गुप्ता का आरोप है कि तहबाजारी और गांधी बाग का ठेका छदम नामों से चल रहा था। आरोप है कि कैंट बोर्ड में टेंडरों का यह खेल बीते आठ दस सालों से चला आ रहा है। इस मामले को लेकर ठेकेदार अनिल गुप्ता की तहरीर पर थाना सदर बाजार ने 27 मार्च 2026 को विक्की और दीपक के खिलाफ फर्जी नामों से ठेके लिए जाने का मुकदमा लिखा गया। आरोप है कि ये फर्जी नामों से ठेके लिया करते हैं। मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद जब थाना सदर बाजार पुलिस ने कैंट बोर्ड से जवाब मांगा तो कह दिया गया कि यह कैंट बोर्ड का आंतरिक मामला है और इसके संबंध में कोई दस्तावेज नहीं उपलब्ध कराए जा सकते। उसके बाद अनिल गुप्ता ने हाईकोर्ट का रूख किया और रिट दायर की। इसी रिट पर हाईकोर्ट ने कैंट बोर्ड को आदेशित किया है कि अनिल गुप्ता को जो दस्तावेज वो मांग रहे हैं वो ऑन लाइन उपलब्ध कराए जाएं। ठेकेदार अनिल गुप्ता ने बताया कि यदि कैंट बोर्ड ने हाईकोर्ट के आदेश पर उन्हें दस्तावेज मुहैय्या नहीं कराए तो कैंट बोर्ड के खिलाफ अवमानना का केस दायर करेंगे।

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