अखिलेश ने खोली यूपी के एक्सप्रेस वे की पोल

Shekhar Sharma
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मायावती के फायर के बाद एक बार फिर डाला गले में नीला पलका, भाजपा छोड़कर घर वापसी करने वाले प्रो. रामश्रय विश्वकर्मा और मथुरा के प्रमुख व्यापारी अशोक अग्रवाल साथ आए नजर

नई दिल्ली/लखनऊ। हालांकि यूपी चुनाव का एलान अभी होना बाकि है, लेकिन समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पूरी तरह से चुनावी मोड में है। आज उन्होंने भाजपा शासन में यूपी में बनाए गए एक्सप्रेस वे की पोल खोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा जिस विकास की बात करती है वह ढह गया है या फिर उसमें गड्ढे पड़ गए हैं। उन्होंने यूपी के अलग-अलग एक्सप्रेस-वे की बदहाली, कानपुर-लखनऊ और गंगा एक्सप्रेस-वे के टूटे हिस्सों और निर्माण में कथित भ्रष्टाचार की ग्राउंड रिपोर्ट एक फिल्म चलाकर दिखाई गई। इसके लिए पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलायी गयी थी। इससे ठीक पहले कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को एक विशेष फिल्म दिखाई गई। इसमें यूपी के अलग-अलग एक्सप्रेस-वे की बदहाली, कानपुर-लखनऊ और गंगा एक्सप्रेस-वे के टूटे हिस्सों और निर्माण में कथित भ्रष्टाचार की ग्राउंड रिपोर्ट दिखाई गई। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि  पीएम ने जिसका उद्घाटन किया था, वह चालू होते ही धंस गया। आज भी वहां मरम्मत का काम ही चल रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सीएम योगी ने  हमारी नकल करके वहां लड़ाकू विमान तो उतार दिया। लेकिन, आज रफ्तार पकड़ते ही गाड़ी अस्पताल पहुंचा देगी या कमर का इलाज कराना पड़ेगा। कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेस-वे का  2 दिन पहले आरसीसी का पुल गिरने लगा और सरिया दिखने लगीं। पता नहीं सीमेंट खराब था या बालू। अब सुनने में आया है कि उस कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। भाजपा के लोगों से कहूंगा कि कभी मां गंगा बुलाएं, तो गंगा एक्सप्रेस-वे से मत जाना। पहली ही बारिश में वह ‘वॉटर एक्सप्रेस-वे’ बन गया था। उसके गड्ढे छिपाने के लिए भदोही से कालीन (कार्पेट) मंगाए गए थे। समाजवादियों ने जो निर्माण कराए, उनकी क्वालिटी पर आज भी कोई सवाल नहीं उठा सकता। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे देश का सबसे बेहतरीन एक्सप्रेस-वे है। NHAI ने इसकी डिजाइन कॉपी करने की कोशिश की, लेकिन नकल नहीं कर पाए। बीजेपी के लोग तो एक्सप्रेस-वे के मेंटेनेंस का पैसा भी खा गए। वे एक्सप्रेस-वे के किनारे मंडियां तक नहीं बना पाए। सपा सरकार में बांटे गए लैपटॉप आज भी ऑन होते हैं। गोमती रिवर फ्रंट के नोजल पर आज तक जंग नहीं लगा है। हमारे समय बने साइकिल हाईवे की आरसीसी सड़कें आज भी वैसी ही मजबूत हैं। एलडीए अब ‘लेन-देन एजेंसी’ बनकर रह गया है। वित्तमंत्री के गृह जिले शाहजहांपुर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जहां रिश्वत लेने वाले एक-दूसरे की पोल न खोलने की कसम खा रहे थे। जो मंत्री सीएम के बगल में बैठते हैं, उनके जिले का यह हाल है।

गोवर गोमूत्र वाले क्या जाने

उन्होंने कहा कि गोबर और गो-मूत्र की राजनीति करने वालों को परफ्यूम पार्क से क्या लेना-देना? जहां मुख्यमंत्री खुद बैठते हैं, उसका निर्माण किसने कराया था? अगर सच देखें तो वे नाव (बोट) से ही वापस जाएंगे।

मायवती को मंजूर नहीं अखिलेश के गले में नीला गमछा

बता दें, नीला गमछा पहनने पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश पर तीखा हमला बोला था। कहा था- नीले कपड़े पहनने या नीला गमछा डालने से विरोधी दलों की जातिवादी सोच नहीं बदलती और वे बहुजन समाज को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा ने बंद किया विश्वकर्मा जयंती पर अवकाश

विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर अखिलेश ने बड़ा ऐलान किया। कहा कि सपा सरकार में जो सार्वजनिक अवकाश दिया जाता था, उसे भाजपा ने बंद कर दिया। सपा सरकार आते ही यह छुट्टी दोबारा बहाल की जाएगी। इसके साथ ही लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट पर भगवान विश्वकर्मा का भव्य और सुंदर मंदिर बनाया जाएगा।

भाजपा नेताओं में मुनाफा कमाने की होड़

अखिलेश यादव ने अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और डिजिटल ट्रांजैक्शन पर भी हमला बोला। कहा- नोटबंदी के समय कहा गया था कि यह बड़े लोगों के लिए है, लेकिन नुकसान आम जनता का हुआ। अब यूपीआई भी पैसा ऐंठने और चुंगी वसूलने की व्यवस्था बन चुकी है। इन ‘चुंगीजीवियों’ का यह खेल बंद होना चाहिए। यूपी में 20 से ज्यादा भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन किसी बड़े आरोपी को जेल भेजा गया क्या? हमारी सरकार आएगी, तो नौजवानों को रोजगार मिलेगा और सामाजिक न्याय (PDA) की स्थापना होगी। सुनने में आ रहा है कि कागजों पर 200 करोड़ पेड़ लगा दिए गए हैं। सपा सरकार में 1,000 एकड़ जमीन पर 1.34 लाख पेड़ लगे थे। अगर 200 करोड़ पेड़ लगे हैं, तो सरकार बताए कि वह जमीन आखिरकार है कहां?

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