बुढानागेट इलाके में चाइनीज मांझे की चपेट में आकर भावनपुर के गांव मेघराजपुर निवासी दूधिया जगदीश की गर्दन कट गयी
मेरठ। चाइनीज मांझे की बिक्री और यूज करने पर भले ही रोक हो, लेकिन इसके बाद भी चाइनीज मांझे की ना तो बिक्री रोकी जा सकी है और ना ही पतंगबाजी के शौकीन चाइनीज मांझे का प्रयोग बंद कर रहे है। कोतवाली के बुढानागेट इलाके में चाइनीज मांझे की चपेट में आकर भावनपुर के गांव मेघराजपुर निवासी दूधिया जगदीश की गर्दन कट गयी। वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इलाके के व्यापारी नेता अंकुर गोयल की मदद से उन्हें ईव्ज नर्सिंगहोम पहुंचाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं दूसरी ओर हादसे की जानकारी मिलने पर जगदीश के परिवार में कोहराम मच गया। परिजन रोते बिलखते हुए मौके पर पहुंचे। वहां से उन्हें ईव्ज नर्सिंगहोम ले जाया गया। भावनपुर के गांव मेघपुर निवासी 40 वर्षीय जगदीश दूध का काम करता है। रोजाना की भांति रविवार सुबह वह दूध सप्लाई करने बुढ़ाना गेट आया था। रविवार सुबह करीब 10:30 बजे जब वह वापस अपने घर जाने को बाइक लेकर निकला तो अचानक हवा में लहरता हुआ प्रतिबंधित चाइनीज मांझा दूधिया की गर्दन पर आ गया। जब तक जगदीश कुछ समझ पता उसकी गर्दन कट चुकी थी। वह जख्मी होकर सड़क पर गिर पड़ा। उसका दूध भी सड़क पर फैल गया। राहगीरों ने तत्काल दूधिया को इव्ज हास्पिटल में भर्ती कराया। घटना की जानकारी मिलने पर दूधिया का बेटा भी हॉस्पिटल पहुंच गया। दूधिया के बेटे भानू ने बताया कि अभी उनके पिता की सर्जरी की जा रही है द्य इसके बाद हालत स्थिर बताई जा रही है।


