निगम कर्मचारी संघ ने जिला प्रशासन की मार्फत भेजा ज्ञापन, नगर निगमों में फॉर लेबर कोड रोके जाने की मांग
मेरठ। नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ ने मेरठ नगर निगम समेत प्रदेश भर के सभी नगर निगमों में फॉर लेबर कोड को उत्तर ्रपदेश में लागू किए जाने से रोके जाने की मांग को लेकर ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार, सबके विकास, सबके साथ तथा सबके विश्वास के एजेन्डे पर काम कर रही है, उत्तर प्रदेश सरकार पण्डित दीन दयाल उपाध्याय जी के, सबसे आखिरी पंक्ति के व्यक्ति के उदय के लिए काम कर रही है और सफाई मजदूर वर्ग जो अनुसूचित वर्ग में भी सबसे आखिरी पंक्ति का तथा सबसे शोषित व उपोक्षित वर्ग है जो प्राय: अपने अस्तित्व के लिए, अपने परिवार के पेट पालने के लिए जीवन पर्यन्त संघर्ष करता रहता है। फलस्वरुप सरकारों द्वारा इनकी दुर्दशा को सुधारने का कभी अनूठा प्रयास नहीं किया गया।
प्रदेश सरकार सबके विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। अत: उत्तर प्रदेश की लगभग 25 करोड़ की आबादी वाला नगर निगम, मेरठ व समूचे उत्तर प्रदेश के मजदूरों से ही पूर्ण होती है। फलत: उक्त पर भी उसी विकास का और सामाजिक न्याय का उतना ही हकदार है जितना हकदार अन्य उत्तर प्रदेश के नागरिक हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि दिए गए बिन्दुओं का संज्ञान लेकर उनका निस्तारण कराने का भी कराया जाए।
सफाई व्यवस्था एक नियमित प्रकृति की आवश्यक स्थाई – बारह मासी सेवा
ज्ञापन में कहा गया है कि सफाई व्यवस्था एक नियमित प्रकृति की आवश्यक स्थाई / बारह मासी सेवा है । उक्त सेवा करने वाले सफाई कर्मकारों को, अनुबन्ध / ठेकेदारी/निविदा/संविदा / आऊटसोर्सिंग जैसी अनुचित व्यवस्थाओं से मुक्त करते हुए,यथा शीघ्र एक आदेश जारी करने का कष्ट करें ताकि उत्तर प्रदेश की सभी नगरीय निकायों में व अन्य स्थानों पर आवश्यक सेवा करने वाले सफाई कर्मियों की सेवा को अनुबन्ध मुक्त करते हुए उन्हें नियमित कराने का कष्ट करें।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सफाई कर्मियों के नियमितीकरण के सम्बन्ध में 2018 में एक शासनादेश जारी किया गया था जिस सन्दर्भ में नगर आयुक्त, नगर निगम, मेरठ द्वारा प्रश्नगत शासनादेश के सन्दर्भ में शासन से अनुमति प्राप्त करने हेतु एक पत्र (छायाप्रति संलग्न) 05 मार्च को लिखा गया था के सन्दर्भ में संघ का अनुरोध है कि उल्लिखित शासनादेश संख्या 1182/9-1-2018-212 सा/18, दिनांक 18 मई 2018 के अनुसार नगर आयुक्त, नगर निगम, मेरठ को कार्यवाही के आदेश पारित कराने का कष्ट करें। सफाई कर्मचारी का रोजगार, वाल्मीकि आदि सफाई कर्मी उपजातियों के लिए ही आरक्षित किया जाए, प्राय: सामान्य वर्ग के द्वारा सफाई का कार्य न तो उनके लिए शोभनीय है और न ही उनके द्वारा अच्छे से वह कार्य किया जा रहा है । उत्तर प्रदेश में विभिन्न संवर्गों में/अनुसूचित जाति के आरक्षण के तहत पुलिस आदि विभागों में भर्ती की जानी है / की जा रही है जिसमें सफाई कर्मी वर्ग को पुन: उपेक्षित किया जा रहा है। महाराज जी से अनुरोध है कि उल्लिखित सभी संवर्गों की भर्ती में अनुसूचित जाति के आरक्षण के तहत आरक्षित पदों पर सफाई पेशे से जुड़ी उपजातियों को प्राथमिकता / वरीयता दिलाई जाए ताकि यह समाज भी सुशासन/सामाजिक न्याय का अनुभव कर सके। सीएम को बताया गया है कि प्राय: अनुसूचित जाति आयोग, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग में कभी भी सफाई कर्मी वर्ग/वाल्मीकि समाज को किसी भी पद पर अवसर नहीं मिला है जो नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध है।
ये रहे मौजूद
ज्ञापन पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में विनेश मनोठिया, बब्बू वैद अध्यक्ष, महामंत्री सुरेश रिछपाल पार्टी लीडर, हरीश गौतम यूनियन सदस्य, विनेश विद्यार्थीयूनियन सदस्य, सुभाष पार्चा यूनियन लीडर, अमित बेनीवाल, अजय खलीफा, अन्तिम सागर, सुनील सागर मनोठिया, सिद्धार्थ, नितिन, बिरमा नन्द करोतिया, बाल किशन चुन्नू, राज कुमार टांक, सुरेन्द्र सिलेलान, राज कुमार वैद, वीर भारत, नरेश टांक आदि शामिल रहे।


