नाले पर कब्जा कैसे हो सफाई

Shekhar Sharma
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ओडियन नाले को दस साल से सफाई की दरकार, नगरायुक्त सौरभ गंगवार पहुंचे निरीक्षण को, माना हालत है गंभीर, आरटीओ पुल से एल ब्लॉक पुल तक नाले के हिस्से पर बीस-बीस फुट तक कब्जे

मेरठ। जब नाले नालियों पर लोग कब्जे कर लेंगे तो नगर निगम कितने ही सफाई अभियान चला लें, मानसून में शहर तो टापू में तब्दील होगा ही। शहर के मुख्य नालों में शुमार ओडियन नाले का भी यही हाल है। इसकी लगातार सफाई करायी जा रही है, इसके बाद भी इस नाले की वजह से शहर के एक बड़े इलाके में जलभराव होता है। ओडियन नाले के आरटीओ से लेकर एल ब्लाक पुल वाले एक बड़े हिस्से पर नाला पटरी पर लोगों ने बीस-बीस फुट तक कब्जे कर लिए हैं, वहां पक्के निर्माण कर लिए गए हैं। हालत यह हो गयी है कि ओडियन नाले की शहर के पानी को आगे भेजने की क्षमता को पूरी तरह से मार दिया गया है। यहां के इन्हीं हालातों का जायजा लेने के लिए नगरायुक्त सौरभ गंगवार मौके पर पहुंचे। दरअसल रालोद नेता व पूर्व पार्षद अब्दुल गफ्फार व पार्षद फजलकरीम के आग्रह पर नगरायुक्त आरटीओ पुल पहुंचे। उन्होंने नाले का निरीक्षण किया और माना कि हालात बेहद गंभीर हैं। यहां युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया जाना जरूरी है और इसके लिए उन्होंने अपने मातहतों को निर्देशित भी कर दिया है। उम्मीद की जानी चाहिए कि ओडियन नाले की वजह से इस साल वो इलाके टापू नहीं बनेंगे जो हर साल झमाझम बारिश में टापू बन जाते हैं।

सफाई के नाम पर अब तक लाखों खर्च

वहीं दूसरी रालोद नेता अब्दुल गफ्फार ने बताया कि पिछले कितने वर्षों से ओडियन नाले का स$फाई अभियान चलाया जाता है। लाखों रुपये खर्च किये जाते हैं, परंतु जब बारिश होती है नाले का लेवल बहुत ऊपर चला जाता है जिस कारण शहर मे बड़ा जलभराव हो जाता है। उन्होंने बताया कि करीब दस साल पहले इस नाले की सफाई करायी गयी थी, उसके बाद इसकी सफाई नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि जो हालात हैं उसके चलते इस नाले की सफाई कराना आसान नहीं है। नाला साफ कराने के लिए नगर निगम की बड़ी मशीन चाहिए, लेकिन नाला पटरी पर किए कब्जों की वजह से यहां से बड़ी मशीन नहीं निकल सकेगी। इसके लिए जरूरी है कि पहले जो अवैध कब्जे कर लिए गए हैं वो हटवा दिए जाएं। कई साल पहले पीडब्लूडी द्वारा आरटीओ पुल का निर्माण किया गया था जो किसी कारण फेल साबित हुआ ठेकेदार द्वारा पुल तोड़ दिया गया ओर सारा मलबा वही डम्प कर दिया गया और नए पुल का निर्माण किया गया। मलबा डम्प होने से पूरा ओडियन नाला प्रभावित है। नगरायुक्त को इन सभी तथ्यों से अवगत कराया गया है।

शहर को टापू नहीं बनने दिया जाएगा

नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने इस पूरे इलाके का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जो भी समस्या है उसका समाधान कराया जाएगा। इस संबंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि शहर को टापू नहीं बनने दिया जाएगा। लोगों से भी आग्रह किया है कि नाले नालियों पर कब्जे ना करें। ऐसे कब्जों की वजह से पूरे शहर को असुविधा होती है। नाले नालियों की सफाई नहीं हो पाती है। आम आदमी को शहर के प्रति अपना दायित्व समझना चाहिए। वहीं दूसरी ओर रालोद नेता गफ्फार और पार्षद फजल करीम ने नगरायुक्त का आभार व्यक्त किया।

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