हाउस टैक्स मामलों से परेशान लोग राहत से गदगद, लोग किसी फरिश्ते से कम नहीं मान रहे
मेरठ। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डा.उदयभान को वहां आने वाले लोग किसी फरिश्ते से कम नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि जिस प्रकार से वह मदद करते हैं, वैसा तो कोई फरिश्ता ही कर सकता है। वो लोगों की परेशानी समझने के साथ उसका हल भी बताते हैं और गृहकर के बोझ को कैसे आसानी से कम किया जा सकता है वो बेहद सरल तरीके से समझा भी रहे है। अरसे से अपने हाउस टैक्स मामलों को लेकर नगर निगम में धक्के खा रहे तमाम लोग मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डा. उदयभान की Pen से मिल रही राहत से गदगद हैं। वहीं दूसरी ओर डा. उदयभान हाउस टैक्स रिकबरी से नगर निगम का खजाना भरने में लगे हैं। हालांकि यह कार्य इतना असान भी नहीं है। इसके लिए पीसीएस अफसर डा. उदयभान को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। लेकिन इसके लबोलुआब की बात करें तो मुख्य कर निर्धारण अधिकारी की इस कवायद से सबसे ज्यादा राहत हाउस टैक्स देने वाले हैं। निगम पहुंचने वाले तमाम लोगों ने बताया कि डा. उदयभान ना केवल कार्य को आसान बना रहे हैं बल्कि हाउस टैक्स जमा करने के लिए वो लोगों को प्रेरित भी कर रहे हैं। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी जो भी परेशान शख्स उनके पास आता है वो उसको समझाते हैं कि किस प्रकार से परेशानी को आसानी में तब्दील किया जा सकता है। वह स्वयं अपने हाथों से हाउस टैक्स के लिए आने वाले लोगों के मोबाइल में एप डाउन लोड कर रहे हैं। उन्हें बता रहें है कि किस प्रकार से फायदा उठाया जा सकता है। उनके मिलने के बाद लोग कहते हैं कि क्या कमाल के अफसर हैं, इतने दिनों से जो काम नहीं हो पा रहा था वो एक पल में निपटा दिया।
डा. उयदभान एक नजर में
२ नवंबर को इलाहबाद के रहने वाले जवाहर लाल के परिवार में जन्म लेने वाले उदयभान साल २००८ के पीसीएस अधिकारी हैं। पढ़ाई के मामले में वह काफी तेज तर्रार रहे हैं, इसलिए अपने टीचरों के सबसे चहेते भी रहे। सरकारी सेवाओं की शुरूआत की यदि बात की जाए तो उन्होंने एक शिक्षक के रूप में इसकी शुरूआत की। उन्होंने इलाहाबाद के एक स्कूल से की। यहां से की गयी शुरूआत के बाद उन्होंने फिर पीछे मुडकर नहीं देखा। साल 2015 में उनकी लखनऊ सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के तौर में तैनाती की गयी। 2019 में उन्होंने पीसीएस क्लीयर किया। इसके बाद कई जनपदों में उन्होंने शासकीय सेवाएं दीं। साल 2020 में वह डिप्टी एसपी गाजीपुर रहे। डा. उदयभान ने पांच बार आईएएस की रिटिन परीक्षा भी क्लीयर की। आईएएस की तैयारियों में लगे युवाओं को वह सलाह देते हैं कि पहले अपना लक्ष्य हासिल करें, नौकरी करने की जल्दबाजी में ना लगें क्योंकि उससे लक्ष्य डाइवर्ट होता है।
मिलांज को हाउस टैक्स में बड़ी राहत
पल्लवपुरम स्थित मिलांल मॉल पर करीब 3.5 करोड़ के हाउस टैक्स का बकाया था। डा़ उदय भान ने बताया कि उन्हें करीब 1.34 करोड़ के ब्याज की राहत दी गयी है। मिलांज की ओर से हाउस टैक्स का डेढ़ करोड़ जमा कराय गया है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं लिस्ट निकालकर लोगों को बुला रहे हैं ताकि हाउस टैक्स में उन्हें राहत प्रदान की जा सके तथा नगर निगम का रेवेन्यू बढ़ाया जा सके। डा. उदय भान ने जब से चार्ज लिया है तब से निगम के गृहकर अनुभाग में जो भीड़ नजर आती थी वह अब धीरे-धीरे छंटने लगी है। उनके आने के बाद लोगों को राहत मिली है। उनके काम हाथों हाथ निपट रहे हैं।


