तड़के चार बजे से शुरू करा दिया गया जलाभिषेक, कांवड़ियों के जलाभिषेक के दौरान सामान्य लोगों को दिया गया रोक
मेरठ। सुरक्षा के भारी तामझाम के बीच छावनी रेस रोड स्थित काली पलटन बाबा औघड़नाथ मंदिर पर कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। हालांकि सुबह करीब आठ बजे से बारिश शुरू होने की वजह से जलाभिषेक को पहुंचे कांवड़ियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। इसके अलावा बारिश की वजह से जलाभिषेक करने वालों की संख्या पर भी असर पड़, लेकिन जो कांवड़ियां जल लेकर पहुंचे थे उन सभी ने जलाभिषेक किया। जलाभिषेक के दौरान पुलिस प्रशासन का पूरा अमला मुस्तैद रहा। मंदिर प्रबंध समिति के लोग तथा मंदिर तथा मंदिर के गर्भ गृह में सादावर्दी में तैनात सुरक्षा कर्मचारी भी मुस्तैद रहे। जलाभिषेक के दौरान काली पलट में सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 400 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें 2 एडिशनल एसपी, 4 डिप्टी एसपी, 10 एसएचओ, 10 इंस्पेक्टर, 40 सब इंस्पेक्टर, 15 महिला सब इंस्पेक्टर, 155 कांस्टेबल और 74 महिला कांस्टेबल शामिल हैं। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 6 टीएसआई और 66 ट्रैफिक कांस्टेबल भी ड्यूटी पर लगाए। वहीं दूसरी ओर सुबह चार बजे से ही श्रद्धालु औघड़नाथ मंदिर पहुंचने लगे। बड़ी संख्या में कांवड़िए भी गंगाजल लेकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही।
खुले आसामन के नीचे डेरा
जो कांवड़ियां गंगा जल लेकर आए थे वो सभी मंदिर क्षेत्र में रात भर खुले आसामन में जलाभिषेक शुरू होने का इंतजार करते रहे, हालांकि मंदिर के कपाट पूरी रात खुले रहे। लोग महादेव के दर्शन करने पहुंचते रहे। जलाभिषेक शुरू होने से करीब दस घंटे पहले से ही कांवड़ियां कतार में लग गए थे। दरअसल उन्होंने खुद कतार में ना लगकर या तो अपना जल लोहे के पाइपों से बांध दिया था या फिर उनके परिवार का कोई सदस्य कतार में लगा था। जलाभिषेक के दौरान धक्का मुक्की ना हो इसके लिए लोहे के पाइपों को लगा दिया था। उसी से होकर जलाभिषेक के लिए जाना होता है।
क्यूआरटी की दो टीमें
मंदिर परिसर में अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की गई है, जहां से सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा दो सशस्त्र क्विक रिस्पॉन्स टीम और अन्य विशेष पुलिस बल तैनात हैं। आसपास अस्थायी चेक पोस्ट बनाकर 24 घंटे चेकिंग की जा रही है, ताकि शिवरात्रि पर जलाभिषेक शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके। मंदिर और आसपास के क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जा रही है। सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए एटीएस, एलआईयू, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें भी तैनात हैं। पुलिस अधिकारी लगातार मंदिर परिसर और कांवड़ मार्ग का निरीक्षण कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा है। मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग के लिए गर्भगृह के ऊपर प्रथम तल पर कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां पुलिसकर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं।


