
एलएलआरएम मेडिकल के लाला लाजपत राय अस्पताल की इमरजैसी वार्ड में मरीजों व तिमारदारों को पानी से होकर है जाना पड़ता
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल और सरदार बल्लभ भाई पटेल अस्पताल को इलाज की दरकार है। ऐसा नहीं कि यहां दवाओं या फिर डाक्टरों की कमी हो या फिर और स्वास्थ्य संबंधित समस्या हो, ऐसा बिलकुल भी नहीं है। दरअसल यहां सिस्टमेटिक समस्या खड़ी हुई है जो मेडिकल के इमरजेंसी वार्ड में है। इमरजैंसी वार्ड का ड्रेनेज सिस्टम जब से यह वार्ड बना है तब से बीमार है। यहां की हालत किस कदर गंभीर और उसको कितनी जल्दी इलाज की दरकार है इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इंमरजैंसी वार्ड में यदि किसी मरीज को या उसके तिमारदार को आना जाना होता है तो वो पानी में होकर जाता है। ऐसा नहीं कि इमरजेंसी वार्ड की यह बीमारी नयी हो। यह बीमारी काफी पुरानी हो चली है और लगता है कि या तो इसका इलाज नहीं है या फिर बड़े आपरेशन की जरूरत है उसके बाद ही यह बीमारी ठीक हो पाएगी।
डाक्टर नर्स काटते हैं कन्नी
मेडिकल के इस नए इमरजेंसी वार्ड में बारिश के मौसम में भरने वाले पानी की वजह से हालात कितने नाजुक हो जाते हैं इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि डाक्टर और नर्स के अलावा दूसरा पैरा मेडिकल स्टाफ बारिश के मौसम में जब पानी भर जाता है तो यहां मरीजों से कन्नी काटने लगते हैं। उनके पास भी बारिश के गंदे पानी से होकर आने जाने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं होता है। वहीं दूसरी ओर यदि मरीजों की बात की जाए तो कई बार ऐसा भी होता है कि जो दवाएं पन्नी में लेकर मरीज या तिमारदार जाते हैं वो कई बार पन्नी फट जाने की वजह से वहां भरे पानी में गिर कर बेकार हो जाती हैं। इसी के चलते बार-बार यहां का स्टाफ भी कह चुका है कि इस मुसीबत के इलाज की बेहद सख्त जरूरत है। लेकिन ऐसा नहीं है कि इसका इलाज एलएलआरएम प्रशासन करेगा। दरअसल इसका इलाज वहीं कार्यदायी संस्था के पास है जिसने शासन के निर्देश पर इस वार्ड का निर्माण किया है।
ऐसी हो गयी हालत
आज हुई बारिश के बाद ओपीडी नंबर-16, यानी टीबी वार्ड की ओपीडी में पानी भर गया। ना मरीज आ सके ना डाक्टर पहुंच सके। यहां मरीजों और उनके परिजनों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। बुजुर्ग, महिलाएं और गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। कई तीमारदार मरीजों को सहारा देकर पानी से निकालते हुए ओपीडी तक ले जाते नजर आए। हर बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। वहीं छात्र नेताओं ने भी अस्पताल प्रबंधन से जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और बारिश के मौसम में टीबी ओपीडी को अस्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग उठाई है। कमोवेश इमरजैंसी वार्ड की भी यही स्थिति है।


