हरित कांवड़ यात्रा के लिए बैठक

Shekhar Sharma
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“शिव के प्रिय हैं पर्वत और वन, काँवड़ यात्रा में रखें शुद्ध वातावरण” का संदेश, भंडारा आयोजकों की सामूहिक बैठक का आयोजन

मेरठ। महाशिवरात्रि (11 अगस्त 2026) के अवसर पर हरिद्वार से मेरठ एवं दिल्ली व अन्य राज्यों तक जाने वाले लाखों शिवभक्त काँवड़ियों की यात्रा को “स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल काँवड़ यात्रा” बनाने के उद्देश्य से स्वच्छ हरित काँवड़ यात्रा समिति द्वारा व्यापक जनजागरण अभियान प्रारंभ किया गया है। इसी क्रम में आज आईआईएमटी कॉलेज, मॉल रोड पर काँवड़ मार्ग पर सेवा देने वाले भंडारा आयोजकों की एक महत्वपूर्ण सामूहिक बैठक आयोजित की गई।

कई जनपदों से पहुंचे संचालक

बैठक में मेरठ, मुज़फ्फरनगर, गाजियाबाद तथा दिल्ली मार्ग पर प्रतिवर्ष संचालित होने वाले भंडारों के संचालकों के साथ-साथ सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सेवा समितियों, डी.जे. संचालकों, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। सभी उपस्थितजनों ने एक स्वर में “स्वच्छ एवं हरित काँवड़ यात्रा” अभियान को जन-जन तक पहुँचाने तथा काँवड़ मार्ग को प्लास्टिक-मुक्त, स्वच्छ एवं पर्यावरण-सम्मत बनाने हेतु पूर्ण सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया। अखिल भारतीय संयोजक श्री गोपाल आर्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

खंड स्तर की समर्पित टोलियों का गठन

उन्होंने जानकारी दी कि स्वच्छ हरित काँवड़ यात्रा समिति द्वारा सम्पूर्ण काँवड़ मार्ग—हरिद्वार, रुड़की, मुज़फ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, बुलंदशहर सहित अन्य जनपदों—में खंड स्तर की समर्पित टोलियों का गठन किया गया है। इन टोलियों में प्रत्येक क्षेत्र के प्रतिष्ठित नागरिकों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय कार्यकर्ताओं को सम्मिलित किया गया है। यात्रा अवधि के दौरान ये टीमें काँवड़ मार्ग पर संचालित होने वाले भंडारा आयोजकों से निरंतर संपर्क स्थापित कर उन्हें “स्वच्छ हरित काँवड़ यात्रा” अभियान से जोड़ेंगी तथा प्लास्टिक-मुक्त भंडारे, स्टील के बर्तनों का उपयोग, स्वच्छता प्रबंधन, गीले एवं सूखे कचरे का पृथक निस्तारण, जल संरक्षण तथा पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाओं को अपनाने के लिए प्रेरित एवं सहयोग प्रदान करेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि समाज, सेवा संस्थाएँ और भंडारा आयोजक सामूहिक रूप से इस अभियान में सहभागी बनें, तो इस वर्ष की काँवड़ यात्रा न केवल आस्था का महापर्व होगी, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का राष्ट्रीय आदर्श भी स्थापित करेगी।

प्लास्टिक मुक्ति का संदेश

बैठक के दौरान भंडारा आयोजकों से आग्रह किया गया कि वे धार्मिक सेवा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी प्राथमिकता बनाते हुए काँवड़ यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित एवं प्लास्टिक-मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष बल दिया। डिस्पोज़ेबल प्लास्टिक एवं थर्मोकोल के स्थान पर स्टील की थाली, चम्मच एवं गिलास अथवा अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों का उपयोग किया जाए। भंडारा स्थल पर स्वच्छता, नियमित सफाई एवं पर्याप्त कूड़ेदानों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गीले एवं सूखे कचरे का पृथक संग्रह, वैज्ञानिक निस्तारण तथा पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) की व्यवस्था की जाए। जल, भोजन एवं अन्य संसाधनों का संयमित एवं विवेकपूर्ण उपयोग कर अपव्यय को रोका जाए। काँवड़ मार्ग के दोनों ओर स्वच्छता बनाए रखने तथा स्थानीय प्रशासन एवं नगर निकायों के साथ समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया गया। बैठक में उपस्थित सभी भंडारा संचालकों ने इन सुझावों को व्यवहार में उतारने का संकल्प व्यक्त किया तथा इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का आश्वासन दिया।

इसके साथ ही काँवड़ यात्रियों से भी पर्यावरण संरक्षण के इस महाअभियान में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया। उनसे अपील की गई कि वे प्लास्टिक का पूर्णतः बहिष्कार करें, अपने साथ कपड़े का थैला रखें, कचरा केवल निर्धारित डस्टबिन में ही डालें, जल एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करें तथा ध्वनि प्रदूषण से बचने के लिए डीजे की आवाज को निर्धारित मानकों के अनुरूप सीमित रखें। साथ ही यात्रा मार्ग, सार्वजनिक स्थलों एवं प्राकृतिक परिवेश को स्वच्छ बनाए रखते हुए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने का भी आग्रह किया गया।

धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण परस्पर पूरक हैं। भगवान शिव प्रकृति के अधिष्ठाता देव हैं, अतः उनकी आराधना तभी सार्थक होगी जब हम प्रकृति के संरक्षण का संकल्प भी निभाएँ। “शिव के प्रिय हैं पर्वत और वन, काँवड़ यात्रा में रखें शुद्ध वातावरण” के मूल मंत्र के साथ यदि समाज का प्रत्येक वर्ग अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो काँवड़ यात्रा न केवल आस्था का महापर्व होगी, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का राष्ट्रीय आदर्श भी स्थापित करेगी।

ये रहे मौजूद

बैठक में मेरठ महानगर स्वच्छ हरित कांवड़ यात्रा समिति की घोषणा की गई जिसमें करुणेश नंदन गर्ग को संयोजक, अमित मूर्ति, डॉ. पंकज चौहान, उमा देवी, गौरव सिंह, कैप्टन अरविंद, आदि को सह संयोजक घोषित किया गया। इनके अलावा पवन त्यागी, गौरव सिंह, ्संजय अग्रवाल, निर्वाचन रस्तोगी, अभिलाष गुर्जर, नवनीत गुप्ता, विपिन एवं मनोज गोयल सहित समिति के अनेक कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का विशेष योगदान रहा।

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