चंदा ही नहीं राम लला का विग्रह भी चोरी

Shekhar Sharma
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग, मेरठ से शुरू हो १८५७ की क्रांति की तर्ज पर शुरू की जाए गोमाता के लिए भी क्रांति

मेरठ। ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर से केवल चंदा ही चोरी नहीं हुआ है बल्कि राम लला का विग्रह भी चोरी हो गया है। गोमाता को राष्ट्र माता घोषित किया जाना चाहिए। जिस प्रकार देश को आजाद कराने के लिए मेरठ की धरा से 1857 में स्वतंत्रता की पहली लड़ाई आरंभ हुई थी, उसी तरह की क्रांति गोमाता की रक्षा करने के लिए जरूरत है। उन्होने कहा कि इसके लिए मेरठ की धरा से ही क्रांति की शुरूआत होनी चाहिए।

गविष्टि यात्रा लेकर पहुंचे

गुरुवार को दोपहर ज्योतिष पीठाधीश्वर मेरठ में गविष्टि यात्रा लेकर कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचे। यहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हमारे वोट लेकर सरकार बनाने वाले अंग्रेजों की भाषा बोल रहे हैं अब यह नहीं चलने वाला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार किया। कहा कि गाय को गोमाता का दर्जा मिलना चाहिए। यहां लोगों से संकल्प दिलाते हुए उन्होंने यह भी कहा कि गाय को पशु कहने वाले और गाय पर अत्याचार करने वाले हमारे शत्रु हैं। यहां मीडियाकर्मियों से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक सवाल के जवाब में कहा कि श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के गठन से ही गड़बड़ी शुरू हो गई थी, क्योंकि मांस बिक्री और टैक्स के रूप में सरकार के पास जमा खजाने में से एक रुपया ट्रस्ट में देकर इसका गठन किया गया था, जबकि यह शुद्ध रूप से धार्मिक स्थल है। शंकराचार्य ने कहा कि गाय हमारी प्रत्यक्ष माता नहीं है, बल्कि सनातन धर्म के नाते हमारी माता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने जीवन में किसी को अपनाते हैं तो उसके संबंधों को भी स्वीकार करते हैं, उसी प्रकार सनातन धर्म को अपनाने के कारण गाय हमारी माता है। उन्होंने कहा कि जिसने सनातन धर्म को नहीं अपनाया, वह गाय को माता नहीं कहेगा, लेकिन जिसने सनातन धर्म को स्वीकार किया है, वह गाय को केवल पशु नहीं मान सकता। उन्होंने उपस्थित लोगों से नारा भी लगवाया— “सनातन धर्म का नाता है, गाय हमारी माता है।”

चंदा नहीं राम लला का विग्रह भी चोरी

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर से सिर्फ चंदा ही नहीं, बल्कि रामलला का वह विग्रह भी चोरी हो गया है जो पहले से वहां मौजूद था, क्योंकि आज उस विग्रह का पता ही नहीं है कि वह कहां है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण को लेकर धर्माचार्य और शंकराचार्य की समिति बनाकर जांच कराई जानी चाहिए।

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