

बोली उनकी इमेज और कपड़ों पर नुकताचीनी के बजाए अफगानिस्तान में औरतों की दशा में सुधारा जाए
नई दिल्ली। फ्रांस में रह कर फिल्मों और मॉडलिंग की दुनिया में काम कर रहीं अफगानिस्तान की पूर्व पत्रकार और टीवी प्रज़ेंटर गोलाली करीमी खुद उनके कपड़ों को लेकर नुकताचीनी करने वालों को लताड़ लगायी है। इतना ही नहीं करीमी के अलावा उनके फ्लोअर्स भी उनके बचाव में उतर आए हैं। फ्लोअर्स का कहना है कि अतिवादी बजाए करीमी के कपड़ों को देखने के बजाए अफगानिस्तान में औरतों की दशा देखें। “पश्चिमी देशों में लोग कपड़ों पर ध्यान नहीं देते। अफ़ग़ानिस्तान में हर दिन बलात्कार, अपराध, अपहरण और दमन की ख़बरें आती हैं। असली चिंता उन मुद्दों पर होनी चाहिए।” बता दें कि करीमी पूर्व में शमशाद टीवी, लेमर टीवी और बाद में पेरिस के बेगम टीवी में काम कर चुकी हैं।
लगायी लताड़
करीमी ने उन्हें लताड़ लगाते हुए नाराजगी जतायी है जो उनके लाइफ स्टाइल को पहनावे को लेकर चर्चा कर रहे हैं। करीमी ने कहा है कि “मैं अब सिनेमा और मॉडलिंग कर रही हूं, यहां के कपड़े अफ़ग़ानिस्तान से अलग हैं। कुछ सोचते हैं कि मैं सेक्सी फ़िल्मों में काम करती हूं। ऐसी बातें मुझे परेशान करती हैं।” उन्होंने खुलासा किया कि पेरिस में अफ़गानिस्तान के कुछ लोगों ने उन पर हमला भी कर दिया था। सुरक्षा कारणों से उन्हें अब तक चार बार अपना घर बदलना पड़ा है।
कपड़ों दाढ़ी पर फैसले की आजादी नहीं
एक न्यूज चैनल से बात करते हुए अफगानिस्तान के अंदरूनी हालात का जिक्र करते हुए करीमी कहती हैं कि “जहां लोगों को अपने कपड़ों और दाढ़ी तक पर फ़ैसला लेने की आज़ादी नहीं है और डर का माहौल है, वहां बुनियादी अधिकारों पर चुप रहना सबसे बड़ी समस्या है।” “तालिबान उनके जैसी पश्तून महिलाओं को ख़तरा मानता है क्योंकि तालिबान के ज़्यादातर सदस्य भी पश्तून हैं।”


