जंग की आहट से बुरी तरह डरी है दुनिया

Shekhar Sharma
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युद्ध में अब तक ईरान के भीतर 1,700 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है और 32 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित

बातचीत के बजाए ईरान और अमेरिका जंग की बात कर रहे हैं, ईरान अब आरपार की जंग पर उतर आया है, दोबारा से जंग की आहट सुनाई देने से दुनिया बुरी तरह डरी

नई दिल्ली। तेहरान ने बाशिंटन को चेतावनी दी है कि इस बार हमले की हिमाकत की तो ऐसा जवाब दिया जाएगा कि अमेरिका अर्स तक उस दर्द को महसूस करेगा। तेहरान ने दो टूक कहा है कि युद्ध के नियम अब बदल चुके हैं। हालांकि ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत दोबारा शुरू करने की दिशा में अपनी शर्तें सामने रखी हैं। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई के मुताबिक, कतर ने तेहरान की शर्तों को अमेरिका तक पहुंचा दिया है और अब ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है। रेजाई ने बातचीत में कहा कि ईरान की प्रमुख मांगों में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना, विदेशों में जमा ईरानी धन को जारी करना और नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना शामिल है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर यह भी कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत की शुरुआत के लिए कुल 7 शर्तें रखी हैं।

बेहद डराबनी होगी जंग

यदि अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा बड़े पैमाने पर पूर्ण युद्ध (Full-scale Combat) छिड़ता है, यह पूरी दुनिया के लिए वाकई जबरदसत विनाशकारी साबित होगी खासकर भारत जैसे देश के लिए। पिछले 7 महीनों से जारी इस युद्ध ने पहले ही भारी तबाही मचाई है, लेकिन अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को “पूरी तरह तबाह” (Blow up their nation) करने का फैसला लेते हैं, तो इसके परिणाम बेहद डरावने होंगे। भले ही अमेरिका के पास 900 अरब डॉलर से अधिक का रक्षा बजट, 11 एयरक्राफ्ट कैरियर और स्टील्थ बॉम्बर्स जैसी भारी सैन्य बढ़त है, लेकिन ईरान के पास मध्य पूर्व का सबसे बड़ा मिसाइल और ड्रोन नेटवर्क है। ईरान सीधे पारंपरिक युद्ध में जीतने के बजाय ‘एसिमेट्रिक वारफेयर’ (अपरंपरागत युद्ध) का उपयोग करेगा।

अमेरिकी ठिकानों पर तबाही

युद्ध के शुरुआती चरणों में ही ईरान ने कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई और जॉर्डन में स्थित सैकड़ों अमेरिकी सैन्य ढांचे और दर्जनों लड़ाकू विमानों/ड्रोन को नष्ट कर भारी नुकसान पहुँचाया है। दोबारा जंग होने पर ये हमले और घातक होंगे।

विश्व युद्ध की आशंका

हुथी विद्रोहियों ने हाल ही में सऊदी अरब की राजधानी रियाद और ‘यानबू’ तेल रिफाइनरी पर भीषण मिसाइल हमले किए हैं। दोबारा युद्ध छिड़ने पर सऊदी अरब, इजराइल और यूएई सीधे इस आग की लपेट में आ जाएंगे। हाल ही में अमेरिकी खुफिया विभाग (AI) की एक गलती के कारण एक चीनी जहाज को परमाणु सामग्री ले जाने के शक में घेर लिया गया था, जिससे अमेरिका और चीन सीधे युद्ध के मुहाने पर आ गए थे। रूस और चीन खुलकर ईरान के साथ खड़े हैं, जिससे यह जंग एक वैश्विक महायुद्ध में बदल सकती है।

करोड़ों की होगी मौत

इस युद्ध में अब तक ईरान के भीतर 1,700 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है और 32 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। अमेरिकी हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत और कई स्कूलों के नष्ट होने जैसी घटनाएं पहले ही घट चुकी हैं। यदि फिर से जंग शुरू हुई, तो नागरिक मौतों और शरणार्थी संकट का आंकड़ा करोड़ों में पहुँच सकता है।


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