उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तर प्रदेश का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन व ज्ञापन, बिजली के दामों में बेतहाशा वृद्धि पर हंगामा
मेरठ। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश में बिजली के दामों में बेतहाश वृद्धि के विरोध में आज कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन कर जिला प्रशासन के माध्यम से सीएम योगी को ज्ञापन भेजा। प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए अपनी बात रखी। लोकेश अग्रवाल ने बताया कि ‘उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल, उत्तर प्रदेशÓ इस मांग पत्र के माध्यम से प्रदेश के उद्योगों, व्यापारियों और आम जनता की गंभीर बिजली समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहता है। बिजली विभाग लगातार नए-नए नियम बनाकर उपभोक्ताओं का आर्थिक उत्पीड़न कर रहा है। बिजली की बढ़ती महंगाई के कारण उत्तर प्रदेश के उद्योग व व्यापार पड़ोसी राज्यों में पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। इससे आने वाले समय में प्रदेश सरकार को राजस्व की भारी हानि उठाना तय है।
बेतहाशा वृद्धि की वापस लो
ज्ञापन में कहा गया है कि 2 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए मीटर के दाम 750/- रुपये से बढ़ाकर सीधे 5300/- रुपये कर दिए गए हैं। यह आम जनता व छोटे व्यापारियों पर बोझ है। इसे तत्काल वापस लिया जाए। लगभग 47 लाख उपभोक्ताओं का लोड बिना किसी पूर्व सूचना, नोटिस या सुनवाई के एकतरफा तरीके से बढ़ा दिया गया है। विभाग का यह तर्क गलत है, क्योंकि यदि कोई उपभोक्ता अधिक लोड इस्तेमाल करता है, तो विभाग उससे ‘डिमांड पेनल्टीÓ वसूलता है। यदि किसी उपभोक्ता को आवश्यकता होगी, तो वह स्वयं आवेदन कर लोड बढ़वाएगा। 47 लाख उपभोक्ताओं के लोड को तुरंत पुराने स्तर पर बहाल किया जाए। विभाग द्वारा नई दरों से अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी मांगी जा रही है। इसका अरबों रुपये का सीधा आर्थिक भार उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। प्रदेश में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती की अनियमितता के कारण राज्य के उद्योग-धंधे और व्यापार पूरी तरह ठप हो रहे हैं। उत्पादन प्रभावित होने से व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है। अत: उद्योगों को सुचारू रूप से चलाने के लिए अघोषित बिजली कटौती को तुरंत बंद कर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। प्रदेश का व्यापार और उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि बिजली विभाग के इस तानाशाही और दमनकारी रवैये को न रोका गया, तो प्रदेश का औद्योगिक विकास पूरी तरह ठप हो जाएगा। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप व्यापारियों और आम जनता के हितों की रक्षा करते हुए इन मांगों पर त्वरित एवं सकारात्मक निर्णय लेंगे।


