विहिप दुर्गा वाहिनी ने मनायी सीता नवमी

Shekhar Sharma
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विहिप दुर्गा वाहिनी ने मनायी सीता नवमी

चावली देवी इंटर कालेज में हुआ आयोजन, कई पदाधिकारी रहे मौजूद, विहिप दुर्गा वाहिनी ने मनायी सीता नवमी

मेरठ। विश्व हिंदू परिषद, मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी द्वारा चावली देवी इंटर कॉलेज ब्रह्मपुरी में सीता नवमी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता विभाग संयोजिका विचित्रा कौशिक का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्षा सुरभि प्रधानाध्यापिका माय स्वीट होम पब्लिक स्कूल सदर, महानगर संयोजिका पायल व महानगर उपाध्यक्षा नीतू ने दीप प्रज्वलित करते हुए किया। मंच संचालन महानगर सहसंयोजिका, मातृशक्ति बहन कविता ने किया। कार्यक्रम में शिप्रा जी महानगर संयोजिका तथा संगीत प्रखंड संयोजिका द्वारा माता सीता जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए सीता जी के सुंदर-सुंदर भजन किए गए।

विभाग संयोजिका विचित्रा ने कहा कि सीता नवमी सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं है। ये नारी शक्ति, पर्यावरण और नैतिक मूल्यों का त्योहार है। सीता माता ने बताया कि सम्मान के बिना जीवन नहीं। हमारी बेटियां यही सीखें — यही कार्यक्रम का उद्देश्य है। त्याग, तपस्या, तप: सीता माता का आदर्श है सीता माता राजमहल में रहने वाली। सोने का महल, दास-दासी, हर सुख-सुविधा थी। लेकिन जब श्रीराम को 14 साल का वनवास हुआ, तो सीता माता ने एक सेकंड में महल छोड़ दिया। उन्होंने कहा — ‘जहाँ राम, वहाँ मैं ‘। ये होता है त्याग। अपने सुख से बड़ा दूसरों का साथ। सीता माता सिखाती हैं कि परिवार और कर्तव्य सबसे पहले। जब माता सीता ने धरती माता — की गोद में समाधि ले ली, तो दुनिया को बताया — ‘स्वाभिमान से बड़ा कुछ नहीं ‘। ये है तप। अपने सम्मान के लिए सबसे बड़ा बलिदान। ‘जिसने वन में भी राजमहल सा धर्म निभाया, जिसने अशोक वाटिका में भी स्वाभिमान न गंवाया, वो धरती पुत्री माता सीता हम सबकी प्रेरणा हैं।
उन्होंने बताया बालक के चरित्र तथा व्यवहार के पूर्ण विकास का उत्तरदायित्व माता का ही होता है और उसे मातृत्व का निर्माण तभी संभव है जब हमारी बेटियां को स्व का बोध होगा।

बेटियों का होना ही अनमोल

उन्होंने कहा कि बेटियों को जानना होगा कि उनका होना अनमोल है सोशल मीडिया पर ठुमके लगाने वाली स्त्री भारत की नारी का चरित्र नहीं है वह तो माता सीता, गार्गी जी, अहिल्या माता, मैत्री जी की तरह महान है। हमें सीता माता के चरित्र का अनुकरण करना चाहिए हमें समझना चाहिए कि समाज में बदलाव तभी संभव है जब नारी ममतामयी मूरत के साथ-साथ एक योद्धा के रूप में समाज में तत्पर होगी। परिवार का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि परिवार वही इकाई है जो स्त्री के प्रत्येक सुख-दुख में सदैव साथ होती है वह स्त्री ही है जो एक मकान को घर बनाती है वह बेटी के रूप में, बहू के रूप में,माता के रूप में, किसी भी रूप में पूजनीय होती है। माता सीता की आरती तथा पूर्ण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

थापर नगर दिगंबर जैन मंदिर से श्रीजी की रथ यात्रा
मंदिर स्थापना के पांच साल पूरे होने पर किया गया आयोजन, जगह जगह स्वागत
मेरठ। थापर नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में श्री जी की स्वर्ण रथ यात्रा का आयोजन किया गया। रथ यात्रा में सबसे आगे पांच जैन धर्म के ध्वजो को तथा अहिंसा परमो धर्म का बैनर लिए हुए भक्त चल रहे थे, दो बैंड बाजे थे, नपीरी ताशे वाले तथा भजन मंडली साथ थी जिससे सारा वातावरण धर्म में हो गया, उसके बाद जैन धर्म की तीन झांकियां थी उसके बाद घोड़े वाले स्वर्ण रथ पर श्री आदि नाथ भगवान को विराजमान कर खवासी बनने का सौभाग्य श्री नीरज कुमाल जैन को, सारथी बनने का सोभाग्य श्री धन कुमार जैन, श्री दक्ष जैन तथा श्री आरव जैन को तथा कुबेर बनने का सौभाग्य श्री अनुज जैन परिवार को प्राप्त हुआ। यह रथयात्रा पूरे थापर नगर में भ्रमण करके 2:30 बजे दिगंबर जैन मंदिर थापर नगर पर पहुंची जहां पर उसका भव्य स्वागत किया गया तथा श्रीजी का अभिषेक किया गया। मार्ग में जगह जगह भगवान जी की आरती उतारी गई और स्वागत किया गया ।भक्तों ने जगह-जगह फल नाश्ता और जल का वितरण किया। पूरा मार्ग तोरण द्वार तथा मालाओं से सुसज्जित किया गया था।
महिलाओ ने भजन गाकर तथा नृत्य करके यात्रा की शोभा बढ़ाई। बच्चे भजन गाते हुए यात्रा के साथ चल रहे थे। श्री जी की यह रथ यात्रा सत्य और अहिंसा का उपदेश दे रही थी। श्री अनिल वर्मा जी का समाज द्वारा स्वागत किया गया।

इस अवसर पर दिनेश जैन सर्राफ, सुनील जैन सर्राफ, धन कुमार जैन, संजय जैन, अजय जैन अंकुर जैन, रेशु जैन तथा सुनील जैन प्रवक्ता एवं शहर के अन्य गणमान व्यक्ति उपस्थित रहे।

प्रीपेड मीटरों का किया दहन, बने हैं लोगों की मुसीबत
प्रीपेड मीटर की शव यात्रा निकाल ऊर्जा निगम कार्यालय पर किए आग के हवाले
व्यापारियों के लिए संकट – जबरन थोपे जा रहे फैसले नहीं होंगे बर्दाश्त: लोकेश अग्रवाल

मेरठ 23 अप्रैल। प्रीपेड मीटर लोगों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। लोगों की अनुमति के बगैर ही उनके मीटरों को प्रीपेड में बदला जा रहा है। अनाप शनाप बिल भेजे जा रहे हैं। इस मामले को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश (पंजीकृत) के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने प्रदेश में लगाए जा रहे प्रीपेड मीटरों को लेकर विद्युत विभाग पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह योजना पूरी तरह अव्यवस्थित, अपारदर्शी और व्यापारी विरोधी साबित हो रही है। उनके नेतृत्व में ऊर्जा निगम मुख्यालय विक्टोरिया पार्क पहुंचे व्यापारियों ने प्रीपेड मीटर आग के हवाले किए। लोकेश अग्रवाल आज मेरठ के व्यापारियों के साथ प्रीपेड मीटर वापस लो के नारे लगाते हुए प्रीपेड मीटर की शव यात्रा लेकर एम डी ऊर्जा निगम कार्यालय पहुंचे। जहां प्रीपेड मीटर के पुतले का दहन किया गया।
बाद में सभी व्यापारी ऊर्जा निगम कार्यालय पर उनके एमडी से मिलने और उन्हें बिजली विभाग की समस्या को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे। लेकिन 1 घंटे से अधिक इंतजार देखने के बाद जब एमडी नहीं आए तो प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने एमडी कार्यालय के बाहर ज्ञापन चस्पा कर नारे लगाते हुए वापस आ गए।
अकारण काटी जा रही लाइट

ऊर्जा निगम कार्यालय पर व्यापारी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रीपेड मीटर के कारण हजारों व्यापारियों और उपभोक्ताओं की बिजली बिना किसी ठोस कारण के काटी जा रही है, जिससे व्यापार ठप होने की कगार पर है। विभाग का सर्वर बार-बार फेल हो रहा है और भुगतान करने के बावजूद उपभोक्ताओं को अंधेरे में रखा जा रहा है।
डिजिटल लूट और कुछ नहीं
लोकेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग प्रीपेड मीटर के नाम पर नई प्रकार की ‘डिजिटल लूटÓ को बढ़ावा दे रहा है। वर्षों पुराने बकाए को बिना आधार दिखाकर रिकवरी भेजी जा रही है और पी.डी. कनेक्शन के नाम पर भारी अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं को न तो उनकी सिक्योरिटी का हिसाब दिया जा रहा है और न ही मीटर से जुड़ी बुनियादी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। मोबाइल नंबर अपडेट नहीं किए जा रहे, ऐप ठीक से काम नहीं कर रहा और सीलिंग सर्टिफिकेट तक पोर्टल पर अपलोड नहीं हैं – यह पूरी व्यवस्था की विफलता का स्पष्ट प्रमाण है।

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