भाजपा अध्यक्ष के स्वागत में बुलडोजर व्यापारियों का अपमान है — अभिमन्यु त्यागी, हाईकोर्ट बेंच की मांग कर रहे अधिवक्ताओं से दूरी, किसान-युवा और आम जनता के सवालों से भी भाजपा को देना होगा जवाब
मेरठ। कांग्रेस के नेशनल मीडिया पैनलिस्ट एवं प्रदेश प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी ने मेरठ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के स्वागत में बुलडोजरों और जेसीबी के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ मेरठ के बाजारों में व्यापारियों की दुकानें और प्रतिष्ठान बुलडोजर की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं, दूसरी तरफ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के लिए बुलडोजरों से पुष्पवर्षा और जेसीबी से माला पहनाई जा रही है। यह दृश्य उन व्यापारियों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है, जिनकी रोजी-रोटी और वर्षों की मेहनत पर बुलडोजर चलने का डर बना हुआ है। अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि बुलडोजर किसी राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का प्रतीक नहीं, बल्कि आम आदमी के लिए कानून और प्रशासन की कार्रवाई का प्रतीक बन गया है। इसलिए भाजपा नेतृत्व को बताना चाहिए कि जिस बुलडोजर को गरीब, व्यापारी और आम नागरिक कार्रवाई के रूप में देखता है, उसी बुलडोजर को अपने स्वागत का माध्यम बनाकर सरकार और भाजपा जनता को क्या संदेश देना चाहती है?
अधिवक्ताओं की सुनते बात
उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता लंबे समय से इलाहाबाद हाईकोर्ट की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेंच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के मेरठ आगमन पर अधिवक्ताओं को उनसे मिलने से रोकना और बाद में सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के आश्वासन के बाद मामला शांत होना यह बताता है कि सरकार और भाजपा नेतृत्व को अधिवक्ताओं की आवाज सीधे सुननी चाहिए। “जो अधिवक्ता न्याय के लिए जनता की आवाज अदालत में उठाते हैं, उनके लोकतांत्रिक विरोध और अपनी मांग रखने के अधिकार को सीमित करना उचित नहीं है। हाईकोर्ट बेंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश की वर्षों पुरानी मांग है। इस मुद्दे पर अधिवक्ताओं से दूरी बनाने के बजाय भाजपा नेतृत्व को उनके साथ बैठकर समाधान की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।”
पब्लिक मांग रही हिसाब
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आज जनता सिर्फ स्वागत के भव्य कार्यक्रम नहीं देख रही, बल्कि अपने रोजमर्रा के जीवन की परेशानियों का हिसाब भी मांग रही है। किसानों से किसान की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन किसान आज भी अपनी फसल की उचित कीमत, एमएसपी और भुगतान की चिंता में है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का गन्ना किसान समय पर भुगतान की मांग को लेकर लगातार परेशान रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे सवाल खड़े हैं। युवा वर्षों तैयारी करने के बाद परीक्षा देता है और जब पेपर लीक की खबर सामने आती है तो उसकी मेहनत, समय और पैसा सब बर्बाद हो जाता है। सरकार को सिर्फ रोजगार मेलों और आंकड़ों की बात नहीं करनी चाहिए, बल्कि युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार देने की दिशा में जवाब देना चाहिए।
अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि महंगाई का असर अब घर के हर बजट पर दिखाई दे रहा है। रसोई का सामान, खाद्य तेल, आटा, शिक्षा, चिकित्सा, बीमा, टोल टैक्स और मोबाइल रिचार्ज जैसी रोजमर्रा की जरूरतें आम परिवार की जेब पर लगातार दबाव डाल रही हैं। गरीब और मध्यम वर्ग का परिवार यह हिसाब लगा रहा है कि महीने की आमदनी में घर चलाएं, बच्चों की पढ़ाई कराएं, इलाज कराएं या दूसरी जरूरी जरूरतें पूरी करें।
उन्होंने कहा कि “सरकार जनता को यह बताने में लगी है कि देश और प्रदेश में सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है, लेकिन बाजार में खड़ा आम आदमी अपनी जेब देखकर अलग कहानी बता रहा है।” अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि भाजपा नेतृत्व को मेरठ आने पर केवल स्वागत समारोह और शक्ति प्रदर्शन नहीं देखना चाहिए, बल्कि व्यापारियों, किसानों, युवाओं, छात्रों, मरीजों और अधिवक्ताओं की आवाज भी सुननी चाहिए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता को अब सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि अपने सवालों के ठोस जवाब और समाधान चाहिए।


