उद्योग व्यापार प्रतिनिधि ने ₹2000 से अधिक यूपीआई ट्रांजैक्शन पर .04% ट्रांजैक्शन चार्ज के विरोध में फूंका पुतला
मेरठ। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश पंजीकृत ने 15 अक्टूबर से ₹2000 से अधिक यूपीआई ट्रांजैक्शन पर .04% ट्रांजैक्शन चार्ज व्यापारियों पर जोर देने के आदेश के विरोध में प्रांतीय अध्यक्ष लाेकेश अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदर्शन कर पुतला फूंका। इसमें सैकड़ों व्यापारी शामिल हुए। लोकेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश भर के व्यापारियों पर पहले ही अनेकों प्रकार के कर लगाए गए हैं। यूपीआई पर ट्रांजैक्शन शुल्क लगाए जाने से व्यापार की गति कम होगी, जिससे बाजार में मंदी क्या एक नया दौर आरंभ होगा तथा सरकार को भी राजस्व की हानि होगी। अतः व्यापार हित में यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगाए जा रहे शुल्क वापस लिए जाएं। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से दिए गए ज्ञापन में प्रधानमंत्री से व्यापारियों ने मांग की कि व्यापारी पर पहले ही अनेकों प्रकार के कर लगाए गए हैं। यूपीआई पर ट्रांजैक्शन शुल्क लगाए जाने से व्यापार की गति कम होगी, जिससे बाजार में मंदी क्या एक नया दौर आरंभ होगा तथा सरकार को भी राजस्व की हानि होगी।
डिजिटल हो गए तो थोप दिया चार्ज
लोकेश अग्रवाल ने कहा कि यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगाए जा रहे शुल्क वापस लिया जाए। उनका कहना है कि देश के व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया और कैशलेस इकोनॉमी के सपने को साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत की है। गली-कूचे के छोटे से छोटे दुकानदार ने भी बिना किसी झिझक के यूपीआई को अपनाया। आज जब देश का व्यापार पूरी तरह डिजिटल लेनदेन पर निर्भर हो चुका है, तब सरकार द्वारा इस पर टैक्स लगाने का विचार करना व्यापारियों के साथ एक बड़ा धोखा है। , “यूपीआई पर किसी भी प्रकार का कर लगाने से न केवल व्यापार जगत प्रभावित होगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था फिर से नकदी (कैश) लेनदेन की तरफ लौट जाएगी।
संगठन ने सरकार से मांग की है कि डिजिटल लेनदेन को पूरी तरह से मुफ्त और सुरक्षित बनाए रखा जाए, ताकि छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न रुक सके और देश का आर्थिक ढांचा सुदृढ़ बना रहे।


